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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 22, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कार्यकाल समाप्ति की ओर, नियुक्तियों में तेजी

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Published: Wed, 22 Jul 2015 01:10 AM (IST)

अभिनव उपाध्याय, नई दिल्ली दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में जैसे-जैसे कुलपति का सेवा काल समाप्ति की

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अभिनव उपाध्याय, नई दिल्ली

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में जैसे-जैसे कुलपति का सेवा काल समाप्ति की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे नियुक्तियों में तेजी आ रही है। यह भी आरोप लगने शुरू हो गए हैं कि यह तेजी अपने करीबी लोगों को भरने के लिए आई है। दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) का कहना है कि कुलपति अपने कार्यकाल की समाप्ति से पहले चहेतों को विभिन्न पदों पर नियुक्ति कर देना चाहते हैं।

सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा डीयू प्रशासन को भेजी गई चिट्ठी में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि कुलपति कार्यकाल की समाप्ति के तीन माह के अंदर कोई नियुक्ति या वित्तीय कार्य नहीं कर सकते हैं। यह उल्टी गिनती 28 जुलाई से शुरू होगी। इस बीच 12 साल से खाली परीक्षा नियंत्रक के पद और लगभग पांच साल से खाली खेल निदेशक सहित डिप्टी रजिस्ट्रार, हार्टिकल्चर और कुछ अन्य पोस्ट के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया 28 जुलाई से पहले शुरू हो सकती है। कहा यह भी जा रहा है कि कई ऐसे लोगों को भी महत्वपूर्ण पोस्ट देने की तैयारी है, जिनके ऊपर गंभीर आरोप लगे हैं। उन्हें सत्र शुरू होते ही साक्षात्कार प्रक्रिया संबंधी पत्र भेज दिया गया है। डूटा अध्यक्ष डॉ. नंदिता नारायण ने सवाल उठाया है कि आखिर जो पोस्ट 2003 से खाली है, उसे भरने की इतनी जल्दी क्यों है? कुलपति ने कार्यकारी परिषद से यह अधिकार छीन लिया है। अब पहले कुलपति नियुक्ति करते हैं और उसके बाद मामला कार्यकारी परिषद में आता है। डूटा समिति ने पहले ही यह व्यवस्था दी है कि जो व्यक्ति कारण बताओ नोटिस पर हो, उसके पास नियुक्ति का अधिकार नहीं होना चाहिए। हमने कुलपति के कार्यकाल में हुए कार्यो और अनियमितताओं के संबंध में श्वेत पत्र जारी किया था। कुलपति जाते-जाते अपने लोगों को विभिन्न पदों पर भरना चाहते हैं, इसलिए यह प्रक्रिया जल्दबाजी में की जा रही है।