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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 27, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जितेंद्र तोमर को छोड़ना पड़ सकता है मंत्री पद

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Published: Mon, 27 Apr 2015 10:05 PM (IST)Updated: Tue, 28 Apr 2015 04:16 AM (IST)

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : सूबे के अरविंद केजरीवाल सरकार में कानून का महकमा संभाल रहे मंत्री जितेंद्र

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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : सूबे के अरविंद केजरीवाल सरकार में कानून का महकमा संभाल रहे मंत्री जितेंद्र कुमार तोमर की कानून की डिग्री को फर्जी करार दिए जाने के बाद दिल्ली मंत्रिमंडल से उनकी विदाई तय समझी जा रही है। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि बहुत जल्दी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल कर सकते हैं।

बता दें कि केजरीवाल ने हाल ही में तोमर से महत्वपूर्ण समझा जाने वाला गृह विभाग लेकर सत्येन्द्र जैन को दे दिया था। अब तोमर की डिग्री की गलत पाए जाने के बाद माना जा रहा है कि उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर किया जा सकता है। उन्हें यह डिग्री प्रदान करने वाले तिलका मांझी अवध विश्वविद्यालय द्वारा खुद ही उनकी डिग्री को फर्जी करार दिए जाने के बाद मुख्यमंत्री केजरीवाल के सामने उन्हें हटाने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है।

बता दें कि आम आदमी पार्टी से बाहर किए गए प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव सरीखे नेताओं ने करीब एक दर्जन विधायकों के अलावा तोमर की फर्जी डिग्री का मामला भी उठाया था। उनका आरोप था कि ऐसे लोगों को पार्टी का टिकट दिए जाने और उन्हें मंत्री बनाए जाने से पार्टी की साख को बंट्टा लगेगा। समझा जा रहा है कि केजरीवाल ने राजनीतिक कारणों से अपने विरोधियों की बात नहीं मानी और सरकार की ओर से यह दलील दी गई कि जब तक अदालत में तोमर की डिग्री के मामले का निपटारा नहीं हो जाता, तब तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। अभी अदालत का निर्णय आना बाकी है लेकिन जिस प्रकार से अदालत में विश्वविद्यालय ने अपना पक्ष रखा है, उससे तोमर के लिए मुसीबत बढ़ गई है।

मुख्यमंत्री केजरीवाल के सामने मुश्किल यह है कि वे अपनी पार्टी के अलावा अन्य दल के तमाम नेताओं पर अंगुली उठाते रहे हैं, लेकिन अब उनके अपने नेताओं की कलई ही खुल रही है। बागी नेताओं ने जिनके-जिनके खिलाफ आवाज उठाई थी, एक-एक कर उन सबकी हकीकत सामने आ रही है। ऐसे में केजरीवाल को अपनी और अपनी सरकार की साख बचाने के लिए मंत्रिमंडल में तब्दीली करनी पड़ सकती है।