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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 19, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शिक्षक और छात्र संगठनों के निशाने पर कुलपति

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Published: Thu, 19 Mar 2015 08:18 PM (IST)

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम वापस होने के बाद भी शिक्षक और छात्र संगठन क

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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम वापस होने के बाद भी शिक्षक और छात्र संगठन कुलपति के इस्तीफे और निष्कासन की मांग कर रहे हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) महीने में औसतन चार बार प्रदर्शन करता है और हर प्रदर्शन में कुलपति को हटाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाता है। हड़ताल पर वेतन काटने की कार्रवाई के बाद शिक्षकों में आक्रोश है।

कुलपति को कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय की सराहना की है। एबीवीपी के प्रदेश मंत्री साकेत बहुगुणा का कहना है कि चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम छात्रों के हित में नहीं था, लेकिन कुलपति ने इसे लागू किया। बिना तकनीकी संस्थान के मान्यता के बीटेक कोर्स शुरू किया, जिससे छात्र आज भी जूझ रहे हैं। कुलपति ने ओबीसी विस्तार के तहत सरकार द्वारा दिए गए 172 करोड़ रुपये का भी दुरुपयोग किया, इस पैसे का समुचित लाभ छात्रों को नहीं मिला।