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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 14, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जश्न ए रेख्तां में मुशायरे के बदलते रूप पर हुई चर्चा

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Published: Sat, 14 Mar 2015 10:48 PM (GMT+05:30)

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : राजधानी के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में जश्न ए रेख्तां कार्यक्रम का उद्घाटन

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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : राजधानी के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में जश्न ए रेख्तां कार्यक्रम का उद्घाटन प्रसिद्ध शायर और पटकथा लेखक जावेद अख्तर ने किया। यहां उर्दू भाषा को मध्य में रखते हुए कई सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें न केवल उर्दू बल्कि अन्य भाषाओं के प्रसिद्ध लेखकों व विचारकों ने अपनी बात रखी।

कार्यक्रम की शुरुआत जावेद अख्तर और अंग्रेजी की कवियत्री सुकृता पॉल कुमार के बातचीत से शुरू हुई, जिसमें न केवल उर्दू बल्कि अन्य भाषाओं में लिखे जा रही कविताओं के संदर्भ को रेखांकित किया गया। इसके अलावा उर्दू और ¨हदी: कुरबतें और फासले, इंटरनेट की दुनिया में ¨हदी, कृष्णचंदर: अफसाने का नगमानिगार, इसके अलावा उर्दू में जासूसी अदब आदि के सत्र हुए, जिसमें कई विद्वानों ने अपनी बात रखी।

उर्दू अदब और अन्य भाषाओं के अदीबों ने मुशायरा के बदले रंग रूप पर भी चर्चा की, जिसमें प्रसिद्ध शायर मुनव्वर राणा, पत्रकार रवीश कुमार और सत्यपाल आनंद ने अपनी बात रखी।