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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 08, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ईसी के चुनाव में डीटीएफ व एनटीडीएफ की जीत

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Published: Sun, 08 Feb 2015 10:49 PM (IST)Updated: Mon, 09 Feb 2015 03:56 AM (IST)

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : राजधानी में दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में 5 फरवरी को हुए कार्यकारी समिति

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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : राजधानी में दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में 5 फरवरी को हुए कार्यकारी समिति (ईसी) के चुनाव के परिणाम आ गए हैं। देर रात तक चली मतगणना के बाद आए परिणाम में शिक्षकों के वामपंथी संगठन डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (डीटीएफ) और दक्षिणपंथी संगठन समर्थित नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (एनडीटीएफ) के प्रतिनिधि ने बाजी मारी। ईसी में चुने जाने वाले दो प्रतिनिधियों में पहले स्थान पर डीटीएफ की आभादेव हबीब ने बाजी मार ली, जबकि एनडीटीएफ के एके भागी दूसरे स्थान पर रहे। तीसरे स्थान पर कांग्रेस समर्थित संगठन एक्शन फॉर एकेडमिक एंड डेवलेपमेंट (एएडी) के अध्यक्ष आदित्य नारायण मिश्रा रहे। वहीं एसके सागर को चौथा स्थान मिला।

बता दें कि आभादेव हबीब पहले भी ईसी की सदस्य रह चुकी हैं और डीटीएफ के बैनर तले डीयू द्वारा लागू किए गए चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम का विरोध किया था।

किसको कितना मिला वोट

आभादेव हबीब - 2607,

एके भागी - 2356,

आदित्य नारायण मिश्रा - 1942

एसके सागर - 337

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यह जीत शिक्षकों की जीत है, जिन्होंने मेरे ऊपर विश्वास दिखाया। शिक्षक डीयू में विगत वर्षो में हुई गतिविधियों से वाकिफ हैं और उन्होंने यह समझा है कि डीयू प्रशासन डीयू की भलाई के लिए कुछ विशेष नहीं कर रहा है। चार वर्षीय पाठ्यक्रम हो या तदर्थ शिक्षकों का मुद्दा हम हर मोर्चे पर शिक्षकों के साथ लड़ाई लड़े हैं।

- आभादेव हबीब, डीटीएफ

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शिक्षकों द्वारा जो भी जनादेश आया है, हम उसका स्वागत करते हैं, लेकिन आगे भी शिक्षकों के हितों के लिए संघर्ष करते रहेंगे।

- आदित्य नारायण मिश्रा