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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 28, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नहीं पूछा गया तैयार प्रश्नपत्र, डीयू प्रशासन कठघरे में

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Published: Fri, 28 Nov 2014 08:25 PM (IST)

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय में बीकॉम ऑनर्स में प्रश्नपत्र को दोबारा पूछे जाने का

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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय में बीकॉम ऑनर्स में प्रश्नपत्र को दोबारा पूछे जाने का मामला तूल पकड़ रहा है। विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी इस बारे में कुछ भी कहने से बच रहे हैं। वहीं, कॉमर्स विभागाध्यक्ष ने प्रश्नपत्र तैयार करने वाले तीनों शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है।

शिक्षक विनोद कुमार कौल (शहीद भगत सिंह कॉलेज), के. लता (रामानुजम कॉलेज) तथा नीलम गुप्ता (अंबेडकर कॉलेज) ने प्रश्नपत्र को तैयार किया है। तीनों शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने जो प्रश्नपत्र बनाकर दिया है, उससे एक भी सवाल नहीं पूछे गए हैं, हो सकता है कि परीक्षा विभाग की तरफ से गलती हुई हो।

विनोद कुमार कौल ने बताया कि प्रश्नपत्र के दो सेट तैयार किए गए थे, लेकिन दोनों में से एक भी सवाल नहीं पूछे गए। इतना ही नहीं परीक्षा में स्कूल ऑफ ओपन लर्निग (एसओएल) के बीकॉम आनर्स तृतीय वर्ष के प्रश्नपत्र का सवाल पूछा गया, यह भी समझ से परे है। एसओएल वार्षिक प्रारूप के तहत परीक्षा लेता है, जबकि दिल्ली विश्वविद्यालय में सेमेस्टर प्रारूप के तहत परीक्षा होती है। इस तरह की लापरवाही कैसे हो गई, यह जांच का विषय है। शुक्रवार को सभी प्रपत्र विश्वविद्यालय को सौंप दिए गए हैं। बोर्ड ऑफ पेपर सेटर कन्वीनर के. लता ने बताया कि प्रश्नपत्र विभाग को सौंप दिया गया था। कॉमर्स विभागाध्यक्ष प्रो. जेपी शर्मा ने बताया कि गड़बड़ी विभागीय स्तर पर नहीं हुई है। सभी प्रश्नपत्र विश्वविद्यालय को सौंप दिए गए हैं। यह चूक विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग की तरफ से हुई है।