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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 17, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विद्वत परिषद की बैठक का विरोध करेगा डूटा

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Published: Tue, 17 Jun 2014 11:53 PM (IST)

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-छात्र व शिक्षक संगठनों के साथ बैठक कर तैयार की रणनीति

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली :

छात्र और शिक्षक संगठनों ने दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में होने वाली विद्वत परिषद की बैठक का विरोध करने की रणनीति तैयार कर ली है। दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संगठन (डूटा) की अध्यक्ष डॉ. नंदिता नारायण ने विभिन्न शिक्षक तथा छात्र संगठनों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की। इसमें सभी ने अपनी अपनी राय रखी।

डूटा अध्यक्ष ने कहा कि डीयू के कुलपति द्वारा 21 जून को विद्वत परिषद की बैठक बुलाना और उसमें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा अवैध करार दिए गए चार वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए नए कोर्स को मंजूरी देने की बात करना पूरी तरह उनके तानाशाही रवैये को दर्शाता है। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट की संयुक्त सचिव आभादेव हबीब ने कहा कि इस आंदोलन को अब छात्र और शिक्षक दोनों को मिलकर आगे ले जाना है। बैठक में दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ की सचिव करिश्मा ठाकुर ने कहा कि हम चार वर्षीय पाठ्यक्रम के खिलाफ अपना आंदोलन और तेज करेंगे। आल इंडिया स्टूडेंट्स यूनियन, क्रांतिकारी युवा संगठन, एआइडीएसओ, इन्सो, पछास सहित कई छात्र संगठन तथा नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट, एकेडमिक फार एक्शन एंड डेवलेपमेंट (राठी) सहित अन्य शिक्षक संगठन भी शामिल थे।