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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 05, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

संसद का सत्र आज से शुरू

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Published: Thu, 05 Dec 2013 02:37 AM (GMT+05:30)Updated: Thu, 05 Dec 2013 02:38 AM (GMT+05:30)

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नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। पांच विधानसभाओं के लिए बुधवार को खत्म हुए मतदान के बाद गुरुवार से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है। हालांकि, इस बार भी विवादास्पद मुद्दों की भरमार और भाजपा सहित विपक्षी दलों के रवैये के कारण ये सत्र भी हंगामे से घिरे रहने की पूरी आंशका है। सांप्रदायिक हिंसा विधेयक पर भाजपा और क्षेत्रीय दलों ने मोर्चाबंदी की तैयारी कर ली है। 2जी पर संयुक्त संसदीय समिति की रिपोर्ट सदन में रखे जाने के साथ हंगामा तेज हो सकता है। कांग्रेस ने भी गुजरात में युवती की जासूसी मामले में भाजपा के पीएम प्रत्याशी नरेंद्र मोदी पर तीखे हमले की जमीन तैयार कर दी है।

सरकार ने लोकसभा का महज 12 कार्यदिवस का सबसे छोटा सत्र बुलाकर आनन-फानन कई बिल पास कराने की तैयारी की है, लेकिन जिस तरह से सांप्रदायिक हिंसा विधेयक का कार्ड संप्रग सरकार ने खेलने की तैयारी की है, उसके बाद सदन का सुचारू रहना आसान नहीं होगा। जयललिता से लेकर ममता बनर्जी समेत कई मुख्यमंत्रियों के विरोध ने इस मुद्दे पर सबसे ज्यादा मुखर रही भाजपा को ताकत दे दी है। बुधवार को भाजपा संसदीय दल और राजग की बैठकों में भी सरकार के सांप्रदायिक हिंसा बिल का जोरदार विरोध करने की रणनीति सामने आई। भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के आवास पर हुई बैठकों में सरकार को सांप्रदायिक हिंसा विधेयक, 2जी की विवादास्पद रिपोर्ट समेत तमाम मुद्दों पर घेरने की तैयारी की गई।

2जी की विवादास्पद जेपीसी रिपोर्ट भी संसद के इसी सत्र में पेश की जानी है। रिपोर्ट में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्ता मंत्री पी. चिदंबरम को क्लीनचिट दे दी गई है। साथ ही सारा दोष तब के दूरसंचार मंत्री ए. राजा और भाजपा की पूर्व सरकार पर डाल दिया गया है। भाजपा के अलावा द्रमुक जैसी मामले से सीधे जुड़ी पार्टियां ही नहीं वामदल भी रिपोर्ट पर सरकार को घेरेंगे। वामदलों ने महंगाई के मुद्दे पर भी सरकार को घेरने की तैयारी की है। तेलंगाना मामले पर भी हंगामा हो सकता है। आंध्र प्रदेश के रायलसीमा इलाके से आने वाले कांग्रेस सांसद भी इस मामले में सरकार की मुश्किलें बढ़ाने में पीछे नहीं रहेंगे।

संसद में आने वाले प्रमुख बिल

1. संविधान न्यायिक नियुक्ति बिल

2. संविधान महिला आरक्षण बिल

3. संविधान सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जाति, जनजाति को आरक्षण बिल

4. सांप्रदायिक हिंसा बिल

5. न्यायिक मानक और उत्तारदायित्व बिल

6. लोकपाल और लोकायुक्त बिल

7. संविधान आदेश (संशोधन) बिल

8. प्रत्यक्ष कर संहिता बिल

9. महिलाओं को पंचायती राज संस्थाओं में आरक्षण के लिए विधेयक

10. बीमा कानून (संशोधन) बिल।

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