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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 30, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पालम ड्रेन की सफाई परियोजना का पहला चरण पूरा

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Published: Fri, 30 Aug 2013 07:15 PM (IST)

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जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली : द्वारका के लोगों को अब पालम ड्रेन से निकलने वाली तेज बदबू से निजात मिलने वाली है। डीडीए की ओर से पालम ड्रेन के चार किलोमीटर खुले हिस्से को ऑनलाइन चैनल प्रणाली के माध्यम से साफ किया जा रहा है। परियोजना का पहला चरण पूरा कर लिया गया है। इसके तहत दो तिहाई कार्य हो चुका है। अब परियोजना का सिविल कार्य हो रहा है। डीडीए अधिकारी के मुताबिक इसका काम फिलहाल, बारिश की वजह से रोका गया था। अब यह कार्य दोबारा शुरूकिया दिया जाएगा। ऑनलाइन ट्रीटमेंट परियोजना पर कुल लागत 12 करोड़ की आ रही है।

ऑनलाइन चैनल प्रणाली के माध्यम से द्वारका से गुजर रही पालम ड्रेन के खुले हिस्से को साफ व दुर्गध रहित किया जा रहा है। इस पूरी कवायद का उद्देश्य एक ओर जहां बदबू से निजात दिलाना है, वहीं दूसरी तरफ पानी के बीओडी (बायोलोजिकल ऑक्सीजन डिमांड) को कम करना है। परियोजना के शुरुआती चरण के परिणाम उत्साहजनक हैं। अभी नाले के पानी का बीओडी स्तर कुछ हिस्सों में 30 तक पहुंच चुका है। यह परियोजना के लक्ष्यों के अनुरूप है। इस स्तर पर पानी में जलीय जीव आसानी से पनप सकते हैं।

परियोजना से सबसे बड़ा फायदा आदर्श अपार्टमेंट, अपूर्वा अपार्टमेंट, जय मां सोसायटी, शक्ति अपार्टमेंट, हिमाचल सीजीएचएस व शाहजहांनाबाद सोसायटी को मिलेगा।

क्या है ऑनलाइन चैनल प्रोजेक्ट

इस योजना के तहत नाले को कई हिस्सों में बांटकर कार्य किया जाना है। पहले हिस्से में बायोरिमेडेशन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। दूसरे हिस्से में आवश्यक सिविल कार्य होंगे। तीसरे व आखिरी हिस्से में विशेष प्रकार के पौधे व फिश जोन बनाए जाएंगे। दूसरे हिस्से के तहत मधु विहार के पास नाले में एक बड़ा टैंक बनाया जा रहा है, जहां नाले की गाद इकट्ठी होगी। यहां से नाले के खुले हिस्से में आगे सिर्फ पानी जाएगा। आखिरी हिस्से में फिश जोन बनाया जाएगा। इसके ऊपर विशेष जाली लगाई जाएगी, ताकि यहां पक्षियां मछलियों की तरफ आकर्षित न हों।

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