यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 06, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
फिक्सिंग रोकने में कारगर हो सकती है स्टीव वॉ की यह सलाह
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज कप्तान स्टीव वॉ के मुताबिक क्रिकेट में भ्रष्टाचार व फिक्सिंग जैसे मामलों से निपटने ...और पढ़ें

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज कप्तान स्टीव वॉ के मुताबिक क्रिकेट में भ्रष्टाचार व फिक्सिंग जैसे मामलों से निपटने के लिए लाई डिटेक्टर टेस्ट का इस्तेमाल शुरू किया जाना चाहिए जो कि ऐसे मामलों से निपटने में समय की बचत करेगा और फैसला जल्द होगा।
स्टीव वॉ ने कहा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है जब ऐसी चीजें होती हैं। अंपायरों को सीखने की जरूरत है और लाई डिटेक्टर टेस्ट को इस्तेमाल करना शुरू किया जाना चाहिए।'
वॉ ने इससे पहले भी इस टेस्ट को इस्तेमाल करने पर तवज्जो दी थी। उनके मुताबिक इसके जरिए ऐसे मामलों में फंसे निर्दोष खिलाड़ी भी खुद को बेकसूर साबित कर सकते हैं। जाहिर है कि आइपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले ने क्रिकेट जगत में फिक्सिंग से जुड़ी नई बहस को छेड़ दिया था। जांच एजेंसियां भी हरकत में आई, लेकिन फिर भी ज्यादा कुछ हाथ नहीं लग सका।
अगर वॉ के इस नए आइडिए पर गौर फरमाते हुए लाई डिटेक्टर का इस्तेमाल शुरू किया जाए तो काफी हद तक ऐसे मामलों में जांच की प्रक्रिया को मदद मिल सकती है। अब देखना यही होगा कि आखिर आइसीसी या बीसीसीआइ इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल करने पर रजामंदी देता है या फिर नहीं।
मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर
