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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सपना सच होने जैसा है रांची में स्टेडियम

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Published: Sat, 19 Jan 2013 08:16 PM (IST)

[दिलीप वेंगसरकर की कलम से] झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष अमिताभ चौधरी निश्चित तौर पर खुद पर गर्व महसूस कर ...और पढ़ें

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[दिलीप वेंगसरकर की कलम से] झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष अमिताभ चौधरी निश्चित तौर पर खुद पर गर्व महसूस कर रहे होंगे। उनके नेतृत्व में रांची में न सिर्फ स्तरीय पिच वाला सुंदर स्टेडियम तैयार हुआ, बल्कि भारत ने शानदार जीत भी दर्ज की।

राज्य में पुलिस बल का नेतृत्व करने वाले अमिताभ का क्रिकेट के प्रति प्यार गजब का है, जिसे कई साल से हम लोग देखते आए हैं। यह स्टेडियम इसी का परिणाम है। इन जैसे लोगों की मौजूदगी से निश्चित तौर पर भारतीय क्रिकेट प्रगति की ओर अग्रसर होगा। एक दशक पहले कोई सपने में भी नहीं सोच सकता था कि रांची में अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट मैच का आयोजन होगा। सच तो यह है कि भारतीय क्रिकेट के नक्शे में यह स्थान था ही नहीं। पिछले कई वषरें से जमशेदपुर में जरूर मैचों का आयेाजन होता रहा। हालांकि बीसीसीआइ अधिकृत इकाइयों को अपना स्टेडियम तैयार करने के लिए वित्तीय मदद कर रही है, ऐसे में रांची जैसे स्थानों को पीछे नहीं छोड़ा जा सकता था। भारतीय कप्तान भी तो इसी जगह से हैं। भुवनेश्वर कुमार और शमी अहमद की युवा जोड़ी को गेंदबाजी करते देखना काफी अच्छा लग रहा है। उन्होंने मेहमान टीम को अच्छी शुरुआत करने का कोई मौका नहीं दिया। बाद में इशांत और स्पिनरों ने इंग्लैंड को सस्ते में समेट दिया। टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड ने जो जोश और जज्बा दिखाया था, वह वनडे सीरीज में नहीं नजर आ रहा है। इस सीरीज में तो वह बिल्कुल ही रंग में नहीं दिख रहे हैं। टीम में बिल्कुल भी ऊर्जा नहीं है। एक बार जब उन्होंने भारतीय टीम को सीरीज में वापसी करने का मौका दे ही दिया, तो उन्हें टीम इंडिया को हराने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।

हमेशा यही सलाह दी जाती है कि टीम में ऐसे खिलाडि़यों को शामिल किया जाना चाहिए, जिनमें गजब की एनर्जी हो और जो जीत के लिए भूखे हों। इस मामले में भारत अच्छा रहा और इसी कारण टीम के लिए जरूरी ताकत का संचार किया जा सका। मुझे लगता है कि युवा अजिंक्य रहाणे को अवसर का भरपूर लाभ उठाना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय मैचों में अपनी योग्यता दिखाने का इससे अच्छा मंच नहीं मिल सकता है। भुवनेश्वर और शमी की तरह अगर अजिंक्य भी सफल रहते हैं, तो इसमें कोई शक नहीं है कि सीनियरों को अपने खेल का स्तर ऊंचा उठाना होगा और हर बार अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करना होगा। विराट कोहली को फिर से रन बनाते देख मैं खुश हूं। टीम के लिए यह बेहद जरूरी है, क्योंकि विराट बहुत ही प्रतिभावान खिलाड़ी हैं और उनमें अंत तक बल्लेबाजी करने की क्षमता है। [पीएमजी]

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