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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 24, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नक्सली और सुरक्षा बलों के बीच फंसे आदिवासी

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Published: Fri, 24 May 2013 08:25 PM (IST)Updated: Fri, 24 May 2013 08:29 PM (IST)

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बीजापुर [ब्यूरो]। बस्तर संभाग में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा की शुरुआत गुरुवार को भैरमगढ़ से की गई। इस अवसर पर केंद्रीय पंचायत मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि बस्तर में आदिवासियों के हालात बदहाल हो चुके हैं। ग्रामीण अंचलों में वनोपज संग्रहण कर जीवन यापन करने वाले आदिवासी आज नक्सली व सुरक्षा बलों की बंदूक के बीच फंसे हुए हैं। आदिवासियों के सीने पर नक्सली और सुरक्षा बल दोनों ही गोलियां चला रहे हैं। यह ब़़डे दुख की बात है कि पुलिस के हाथों निर्दोष बच्चों की निर्मम हत्या हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि गोली का जवाब राजनीतिक विकास से दिया जाएगा।

रमेश ने भैरमगढ़ में बस्तर संभाग में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा की शुरुआत में उक्त विचार व्यक्त किए। उन्होंने आदिवासी इलाकों में सरकार पर विकास न कराने का आरोप लगाया। श्री रमेश ने केंद्र द्वारा निर्धारित योजनाओं का सही क्रियान्वयन न कराने की बात भी कही। इसके साथ ही पंचायतों को मजबूत करने पर ही नक्सलवाद के खात्मे की बात की।

रमेश ने छत्तीसगढ़ सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के दिन अब पूरे हो चुके हैं, क्योंकि बस्तर में बच्चे हैं, स्कूल भवन हैं, पर शिक्षकों की कमी है। मरीज हैं, अस्पताल हैं, पर डॉक्टर नहीं हैं। पेंशन राशि की बंदरबाट की जा रही है। इसीलिए परिवर्तन लाना अब जरूरी हो चुका है। अनिल शाी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेन्द्र कर्मा, कोंटा विधायक कवासी लखमा, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अजय सिंह, प्रदेश सचिव सकनी चंद्रैया व जिपं सदस्य विक्रम मण्डावी ने भी संबोधित किया।

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