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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 01, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जुलाई से सितंबर तिमाही में अर्थव्यवस्था 7 से 7.5 फीसद की दर से बढ़ेगी: नीति आयोग

By Praveen DwivediEdited By:
Published: Fri, 01 Sep 2017 05:19 PM (IST)

बेहतर मॉनसून और जीएसटी को लेकर लोगों के बीच समझ को देखते हुए देश की आर्थिक ग्रोथ बेहतर रहने की उम्मीद है

जुलाई से सितंबर तिमाही में अर्थव्यवस्था 7 से 7.5 फीसद की दर से बढ़ेगी: नीति आयोग
जुलाई से सितंबर तिमाही में अर्थव्यवस्था 7 से 7.5 फीसद की दर से बढ़ेगी: नीति आयोग

नई दिल्ली (जेएनएन)। वित्त वर्ष 2017-18 की दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर तक) देश की आर्थिक ग्रोथ के बढ़कर 7 से 7.5 फीसद होने की उम्मीद है। आर्थिक ग्रोथ में रफ्तार बेहतर मॉनसून और जीएसटी को लेकर लोगों के बीच समझ से देखने को मिल सकती है। शुक्रवार को यह बात नीति आयोग के वाइस चेयरमैन राजीव कुमार ने कही है। पहली तिमाही (अप्रैल से जून) में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 5.7 फीसद पर फिसलकर तीन वर्ष के निम्नतम स्तर पर आ गई है। जीडीपी में गिरावट की मुख्य वजह कमजोर विनिर्माण क्षेत्र रहा है।

राजीव कुमार ने कहा, “ मुझे भरोसा है कि जुलाई से सितंबर तिमाही में अर्थव्यवस्था 7 से 7.5 फीसद की दर से बढ़ेगी। जीएसटी लागू होने के बाद लोग जो पुराना स्टॉक खत्म कर रहे थे वह प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है। अब कर व्यवस्था को लेकर लोगों के बीच ज्यादा स्पष्टता है। साथ ही मॉनसून की स्थिति भी अच्छी है। आने वाले समय में कई और आईपीओ लॉन्च होने जा रहे हैं। एफडीआई और एफआईआई भी बढ़ रहे हैं।

उन्होंने बताया कि देश में नोटबंदी का असर पहली तिमाही में देखने को मिला था क्योंकि उस समय लोगों को नकदी किल्लत का सामना करना पड़ रहा था। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि पहली तिमाही में ग्रोथ में गिरावट की एक वजह यह भी रही कि लोग एक जुलाई से जीएसटी लागू होने के कारण पुराना स्टॉक खत्म कर रहे थे।