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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 13, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हाईकोर्ट के आदेश पर पदाधिकारियों का आवास हुआ खाली

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Published: Fri, 13 Jan 2017 03:05 AM (IST)

वैशाली। वर्षों से स्वास्थ्य विभाग के आवास में रहते आए सोनपुर के कई पदाधिकारियों को पटना उ

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वैशाली। वर्षों से स्वास्थ्य विभाग के आवास में रहते आए सोनपुर के कई पदाधिकारियों को पटना उच्च न्यायालय के आदेश पर तत्काल अपना सरकारी आवास खाली करना पड़ा। इस दौरान एसडीओ मदन कुमार तथा डीएसपी मोहम्मद अली अंसारी ने हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अविलंब आवास खाली करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। अब अनुमंडलाधिकारी किसी तरह बीडीओ प्रशांत कुमार के सरकारी आवास में खुद को एडजस्ट करेगें तो उधर डीएसपी अस्थाई रूप से जिला परिषद के डाकबंगला में रहेगें।

एसडीओ से इस संबंध में पूछे जाने पर बताया कि ये सभी आवास स्वास्थ्य विभाग के हैं। उच्च न्यायालय के आदेश पर इसे खाली किया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सारण के किसी व्यक्ति ने इस मामले में हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल किया था। बताते चलें वर्ष 1991 में सोनपुर को अनुमंडल का दर्जा तो मिल गया लेकिन तब से अब तक ना तो अनुमंडलाधिकारी का सरकारी आवास सरकार ने बनवाया ना ही डीएसपी का। परिणामस्वरूप आरंभ में यहां आए अनुमंडल पदाधिकारियों को डाकबंगला को ही अपना सरकारी आवास बनाना पड़ा। बाद में आए एसडीओ प्रखंड कार्यालय परिसर से सटे स्वास्थ्य विभाग के बने आवास में रहते चले आए। वैसे ही वर्ष 1993 से ही अनुमंडलीय चिकित्सालय कैंपस स्थित सरकारी डॉक्टर के लिए आवंटित आवास में एसडीपीओ के रहने की परंपरा अब तक चलते रहा। अब यहां एक तरफ जहां अनुमंडल कार्यालय अपने संपूर्णता के साथ कार्य कर रहा है। वहीं अब सोनपुर में व्यवहार न्यायालय का काम भी शुरू हो चुका है। ऐसे में यहां उच्च पदाधिकारियों के लिए कायदे का सरकारी आवास उपलब्ध नहीं। जरूरत है कि सरकार पद के अनुरूप इन पदाधिकारियों के लिए आवास का निर्माण कराए ताकि भविष्य में किसी भी ऑफिसर को किसी दूसरे विभाग के आवास में रहने की नौबत न आने पाए।