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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 19, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

केंद्रीय ऊर्जामंत्री ने कहा -बिहार के 634 गांवों को करना है रौशन

By Kajal KumariEdited By:
Published: Fri, 19 May 2017 02:37 PM (IST)Updated: Fri, 19 May 2017 11:27 PM (IST)

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने कहा है कि बिहार के 634 गांव एेसे हैं जहां बिजली पहुंचाने का काम बाकी है। ...और पढ़ें

केंद्रीय ऊर्जामंत्री ने कहा -बिहार के 634 गांवों को करना है रौशन
केंद्रीय ऊर्जामंत्री ने कहा -बिहार के 634 गांवों को करना है रौशन

पटना [जेएनएन]। क्या आप जानते हैं कि आबादी के लिहाज़ से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में अब सिर्फ छह गांव ऐसे बचे हैं, जिन तक बिजली नहीं पहुंच पाई है, जबकि कुछ समय पहले तक यह संख्या 1,500 से भी ज़्यादा थी... इसके अलावा बिहार में 634 गांव एेसे हैं जहां बिजली पहुंचाने का काम बाकी है।

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गाेयल ने कहा कि ग्रामीण विद्युतीकरण मामले में बिहार तीव्र गति से आगे बढने वाले राज्याें में से एक है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार स्मार्ट मीटर के लिए मदद काे तैयार है। देश में अभी 3997 गांवाें में बिजली नहीं पहुंची है। एक मई 2018 तक इन गांवाें में बिजली पहुंच जाएगी।                      

ऊर्जामंत्री ने कहा कि 2014-15 में बिहार में 375, 2015-16 में 1686 और 2016-17 में 571 गावाें में बिहार में बिजली पहुंचायी गयी। उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्याेति याेजना में बिहार का काेई पैसा ऊर्जा मंत्रालय के पास बाकी नहीं। अगर बिहार सरकार समय पर काम करे ताे केंद्र सरकार पंद्रह प्रतिशत इंसेंटिव देगी। 

उन्होंने कहा कि नालंदा जिले काे 162 कराेड़ दिए गए, जाे देश में रिकार्ड है। दीनदयाल ग्राम ज्याेति याेजना में 5856 कराेड़ आवंटित है बिहार काे और मिले हैं 1000 कराेड हैं।

प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो ने एक ट्वीट में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल द्वारा जारी की गई एक बुकलेट के हवाले से देश में 18 मई, 2017 तक गांवों के विद्युतीकरण प्रोजेक्ट की स्टेटस रिपोर्ट दी है। इस रिपोर्ट के मुताबिक देश में शत-प्रतिशत विद्युतीकृत त्रिपुरा व हिमाचल प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश सहित कुल चार राज्य ऐसे हैं, जिनमें 10 से कम गांवों में बिजली पहुंचाए जाने का काम बचा हुआ है...

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राजस्थान में सिर्फ एक गांव में बिजली की रोशनी का फैलना बाकी है, जबकि नागालैंड में दो गांव ऐसे हैं, और तृणमूल कांग्रेस शासित पश्चिम बंगाल में बिजली-रहित गांवों की तादाद पांच है।

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