यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 02, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
BSSC घोटाला: सुबूतों से छेड़छाड़, IAS सीके अनिल के खिलाफ वारंट
बीएसएससी पेपर लीक मामले में एसआइटी की टीम को आइएएस सीके अनिल के खिलाफ कई अहम सुबूत मिले हैं जिसमें ...और पढ़ें

पटना [जेएनएन]। बीएसएससी पेपर लीक कांड में आयाेग के अध्यक्ष सुधीर कुमार की गिरफ्तारी के बाद अब एक और आइएएस अधिकारी सीके अनिल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। वह बीएसएससी के ओएसडी हैं। सूत्रों के मुताबिक अगमकुआं पुलिस को वारंट मिल चुका है, आगे की कार्रवाई के लिए एसआइटी रणनीति बना रही है।
हालांकि, सीके अनिल के खिलाफ वारंट की पुष्टि एसआइटी प्रमुख मनु महाराज ने नहीं की है, लेकिन, सूत्रों का कहना है कि वह अधिकारी सीके अनिल ही हैं। क्योंकि बीएसएससी में दो ही आइएएस अधिकारी तैनात हैं- एक अध्यक्ष व दूसरा ओएसडी। पेपर लीक मामले में सीके अनिल की संलिप्तता के कुछ सबूत एसआइटी को हाथ लगे हैं। उनके खिलाफ साक्ष्य मिटाने, सुधीर कुमार की मदद करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के प्रमाण एसआइटी के पास हैं।
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सूत्रों के मुताबिक इसी आधार पर उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट के लिए एसअाइटी ने कोर्ट में आवेदन दिया था, जिस पर आदेश मिल गया है। साथ ही एसअाइटी कुछ और साक्ष्य जुटाने में लगी है। सूत्रों की मानें, तो सुधीर कुमार को गिरफ्तारी से दो दिन पहले अपना मोबाइल फोन बंद करने, पटना से हजारीबाग जाने की सलाह भी सीके अनिल ने ही दी थी। उन्होंनेे ही सुधीर कुमार को नया सिम कार्ड भी उपलब्ध कराया था।
सूत्रों के अनुसार सिटी कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट हासिल करने के बाद एसआईटी उनकी गिरफ्तारी की रणनीति पर काम कर रही है। वैसे बुधवार की दोपहर से रात तक वारंट जारी होने और उस अफसर के अंडरग्राउंड होने की चर्चा रही। उनके बारे में एसआईटी को ऐसे साक्ष्य मिले हैं जिसमें उन्होंने सबूतों से छेड़छाड़ की है।
