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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 05, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

प्रकाशपर्व : 'बाला प्रीतम' के प्रेम में गोविंदमय हुआ पटना

By Amit AlokEdited By:
Published: Thu, 05 Jan 2017 07:32 AM (IST)Updated: Thu, 05 Jan 2017 10:19 PM (IST)

गुरु गोविंद सिंह के जन्मोत्सव 'प्रकाश पर्व' को लेकर पूरा पटना तीर्थस्थल बना हुआ है। हर तरफ 'वाहे गुरु' की ...और पढ़ें

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पटना [विनय मिश्र]। आज गुरु का प्रकाशपर्व है। 'बाला प्रीतम' गुरु गोविंद सिंह जी महाराज ने जिस नगर में जन्म लिया, वहां आज उत्सव मनेगा। समूचा पाटलिपुत्र गुरु के मार्ग पर दिखेगा। ज्योत के स्वरूप सिखों के 'दशम पातशाह' की 'किरपा' से तख्त श्री हरिमंदिर भव्य छटा बिखेर रहा। 'गुरु-गुरु नाऊं' 'अनगिन' जपा जा रहा। 'वाहे गुरु' की गूंज है। गांधी मैदान नया तीर्थस्थल है।

सेवा, भक्ति, प्रार्थना से सब पुण्य कमाने पहुंच रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आएंगे। कुशल प्रबंध के लिए नीतीश कुमार की जय-जयकार है। मेहमाननवाजी का बिहारी ब्रांड दमक रहा। पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पहुंच गए हैं। आए हैं जत्थेदार, एनआरआइ, बाबाजी, सिख श्रद्धालु।

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यह अपना प्रकाशपर्व है

गुरु की 'जनमधरती' बिहार का यह अपना प्रकाशपïर्व है। पटना तो कभी ऐसा नहीं दिखा होगा। अगले 50 साल बाद 400वें प्रकाशपर्व पर हो सकता है कि इससे भी भव्य दिखे, लेकिन तब शायद 'हम न हों।' यही सोचकर पटना के युवा, अधेड़ और वृद्ध प्रकाशपर्व की रौनक में पुण्य स्नान की ललक लिए कतारबद्ध हैं। गुरुवार को गुरु के जन्म दिवस पर गंगा के किनारे भक्ति की नई सरिता बहेगी।

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गांधी मैदान में विशेष समागम

गुरुवार दोपहर 12 बजे से गांधी मैदान में विशेष समागम होगा। आमंत्रित हैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद, राजद प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद, बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल, केंद्रीय मंत्री और बिहार के मंत्री। समारोह में रहेंगे शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रमुख कृपाल सिंह बंडूगर और अन्य अधिकारी, तख्त श्री हरिमंदिर साहिब प्रबंधक समिति के प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ और अधिकारी, संत महापुरुष, संप्रदायों, टकशालों, निहंग सिंह जत्थेबंदियों, सिंह सभाओं, उदासी और निर्मल संप्रदायों के आमंत्रित प्रतिनिधि।

भोर से शुरू हैं कार्यक्रम

गुरुवार को गांधी मैदान में सुबह 4.15 से कार्यक्रम शुरू हो चुके हैं। ये देर रात एक बजे तक चलेंगे। अरदास हुक्मनामा, गुरुशब्द विचार, गुरुमत विचार, शब्द विचार, कीर्तन दरबार, संत समागम, कवि श्री और ढ़ाडी दरबार के कार्यक्रम आधी रात तक चलेंगे। गतका पार्टियां अपना जौहर दिखाएंगीं।

तख्त श्री हरिमंदिर में बुधवार देर रात 1.30 बजे से ही कार्यक्रम शुरू हो गए, जो गुरुवार आधी रात के बाद यानी छह जनवरी के तड़के दो बजे तक चलेंगे। फूल की बरखा और आतिशबाजी के साथ इस समारोह का समापन होगा। इसके साथ ही पंजाब और सिख समुदाय के साथ पाटलिपुत्र यानी पटना के नए संबंधों की शुरुआत होगी।