यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 11, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अब आयकर दाताओं को नहीं लगाना पड़ेगा विभाग का चक्कर
आयकर दाताओं को अब अपनी शिकायतों और समस्याओं के निदान के लिए आयकर विभाग के चक्कर नहीं काटने होंगे।

पटना। आयकर दाताओं को अब अपनी शिकायतों और समस्याओं के निदान के लिए आयकर विभाग के चक्कर नहीं काटने होंगे। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग ने आयकर विभाग के प्रधान मुख्य आयुक्त और प्रधान महानिदेशक को पत्र लिखकर निर्देश जारी किया है कि वह आयकर दाताओं की शिकायतों का निपटारा तय समय-सीमा के अंदर करें। इसके लिए मंत्रालय ने एक साल से अधिक समय से लंबित शिकायतों को 30 अप्रैल तक तथा 60 दिनों से लंबित शिकायतों का निपटारा आगामी 7 जून तक कर लेने का निर्देश दिया है।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग ने आयकर विभाग के मुख्य प्रधान आयुक्त को लिखे अपने पत्र में कहा कि पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब राजस्व विभाग की समीक्षा कर रहे थे तो पाया कि आयकर से संबंधित शिकायतों के निपटारे में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है। साथ ही अधिकारी आयकर दाताओं के साथ वैसा व्यवहार भी नहीं करते जिससे आयकर दाताओं में आयकर देने के बाद गौरव का भाव जागृत हो सके। पत्र में कहा गया है कि प्रधानमंत्री अब हर महीने के चौथे बुधवार को 'प्रगति कार्यक्रमÓ के तहत राजस्व विभाग के कामकाज की समीक्षा करेंगे। साथ ही यह भी कहा गया है कि इस निर्देश का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय कर अनुशासनहीनता की कार्रवाई की जाएगी।
