यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 28, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बिहार के CM नीतीश की राह में देश! लोकसभा में उठी शराबबंदी की मांग
मु्ख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में शराबबंदी का एलान किया तो इसका जमकर समर्थन और विरोध दोनों देखने को मिला। ...और पढ़ें

पटना [जेएनएन]। बिहार में शराबबंदी की पहल और इसके सफल प्रयोग से आई खुशहाली को अब देश के सभी लोगों का समर्थन मिल रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जो अलख जलाई है उसकी लौ और पूरे देश में धीरे-धीरे रौशन होने लगी है।
लोकसभा में वाइएसआर कांग्रेस की एक सदस्य ने पूरे देश में शराबबंदी लागू करने की मांग की और जोर दिया कि शराब से अपराध बढ़ते हैं। शून्यकाल के दौरान वाइएसआर कांग्रेस की के गीता ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि शराब का उपभोग चिंता का विषय बन गया है और इसके कारण गरीब सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।
उन्होंने कहा कि शराब के उपभोग के कारण अपराध में भी वृद्धि का चलन देखा गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को पूरे देश में शराबबंदी की नीति लानी चाहिए। इससे गरीब आदमी सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में छत्तीसगढ़ जाकर लोगों को नशामुक्ति का संकल्प दिलाया । कुर्मी समाज के महाधिवेशन कार्यक्रम में लोगों को नशामुक्ति का संकल्प दिलाते हुए कहा कि बिहार में शराबबंदी के पहले वातावरण में बहुत कोलाहल था, लेकिन अब माहौल बदल रहा है।
नीतीश कुमार शराबबंदी के मामले में देश भर में सुर्खियों में हैं। अब छत्तीसगढ़ में नशामुक्ति का संकल्प दिलाकर प्रदेश में शराबबंदी आंदोलन का समर्थन किया है। इस मौके पर बिहार के मंत्री राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि समाज में जनजागृति लाकर ही शराबबंदी की जा सकती है।
शराबबंदी को लेकर पूरा देश अब धीरे-धीरे नीतीश कुमार के समर्थन में सुर मिलाता दिख रहा है। शराब से होने वाले नुकसान को अब सभी मान रहे हैं। लोकसभा में उठी इस मांग से देश में शराबबंदी की मांग को बल मिला है।
