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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 04, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नहीं बसी सपनों की दुनिया, छा गए काली हकीकत के बादल

By Mrityunjay Kumar Edited By:
Published: Thu, 04 Dec 2014 11:57 AM (IST)Updated: Thu, 04 Dec 2014 12:07 PM (IST)

बड़े ही अरमानों के साथ वर्मा जी ने अपनी बिटिया की शादी रचाई थी। अपनी बेटी के उज्ज्वल भविष्य के ...और पढ़ें

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[तत्हीर कौसर] पटना। बड़े ही अरमानों के साथ वर्मा जी ने अपनी बिटिया की शादी रचाई थी। अपनी बेटी के उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्होंने शिक्षा के साथ ही आत्मविश्वास और आत्मसम्मान का भी पाठ पढ़ाया था। उन्होंने अपनी बेटी के वास्ते अच्छा रिश्ता ढूंढने के लिए परिचित, रिश्तेदारों से लेकर इंटरनेट तक का सहारा लिया था। बिटिया के लिए एनआरआइ दामाद भी मिला। उन्होंने शादी बड़े ही धूमधाम से की। उन्हें लग रहा था अब उनकी बिटिया अपने सपनों की दुनिया बसाएगी। मगर इस सपने की दुनिया पर धोखे की काली हकीकत के बादल छा गए। शादी के कुछ महीनों बाद पता चला जिसे राजकुमार मानकर उन्होंने अपनी बेटी की शादी की थी। उसने धोखा दिया था। उसकी शान ओ शौकत नकली थीं, नौकरी नकली थी, पता नकली था और घर भी नकली था। उसने शादी करने के लिए अपनी पहचान छुपाई थी। इस हादसे के बाद वर्मा जी ने अपने और बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए महिला हेल्पलाइन में गुहार लगाई। ये आप बीती सिर्फ वर्मा जी की ही नहीं है। राजधानी में कई ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। जहां शादी के बाद पता चल रहा है कि शादी झूठ की बुनियाद पर की गई है। अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए लोग महिला आयोग और महिला हेल्पलाइन में गुहार लगा रहे हैं।

केस 1 :

फुलवारीशरीफ की रहने वाली रीना कुमारी (काल्पनिक नाम) की शादी को आठ महीने हुए। उसके पिता ने उसकी शादी रोहन (काल्पनिक नाम) से तय की। लोन लेकर 10 लाख दहेज भी दिया था। बताया गया था कि रोहन की खुद की दुकान है, खुद का मकान है। मगर शादी के बाद पता चला कि न तो रोहन का मकान खुद का है और न ही दुकान उसकी है, जिसका मालिक होने का वह दावा कर रहा था। दरअसल दुकान में वह नौकरी करता है। मकान भी किराए का निकला। रीना ने अपने पति और ससुरालवालों के खिलाफ महिला हेल्पलाइन में केस दर्ज किया।

केस 2 :

राजीवनगर की रहने वाली सोनी (काल्पनिक नाम) की शादी कुछ महीने पहले ही राजेश (काल्पनिक नाम) से हुई थी। राजेश बिहटा का रहने वाला था। राजेश ने बताया था कि लुधियाना में उसकी खुद की फैक्ट्री है। सोनी के परिवार वालों ने बड़ी धूमधाम से शादी की थी। दहेज भी अच्छा खासा दिया था। शादी के साल भर बाद सोनी को पता चला कि उसकी कोई फैक्ट्री नहीं है। राजेश अपने चाचा की फैक्ट्री में काम करता था। पारिवारिक अनबन की वजह से उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। सोनी महिला आयोग में केस दर्ज करने पहुंची थी।

केस 3 :

राजीवनगर निवासी शैरी (काल्पनिक नाम) के पिता ने मैट्रीमोनियल साइट के जरिए अपनी बेटी के लिए लड़का ढूंढा। लड़का अमरीका के मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता था। अपनी इकलौती बेटी की शादी में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी थी। शैरी जब शादी के बाद अमरीका गई तो उसे पता चला कि उसका पति ड्राइवर है। शैरी ने सारी बातें अपने पिता को बताई। शादी के छह महीने बाद ही शैरी ने तलाक की अर्जी डाल दी। वह वापस अपने पिता के घर आ गई।

इनका कहना है-

महिला हेल्प लाइन की परियोजना निदेशक प्रमिला कुमारी कहती हैं कि शादी करने से पहले लड़के और परिवार के बारे में कई बार जानकारी ले लेनी चाहिए। जीवनभर का रिश्ता तय करने से पहले सावधानी बरतना बहुत जरूरी होता है। लड़के और उसके परिवार के बारे में कई बार क्रॉस चेक करें। हमारे यहां इस तरह के कई मामले आ रहे हैं। झूठी नौकरी और जमीन जायदाद बता कर लोग धोखे से शादी करते हैं। सावधानी बरतने और सतर्क रहने से ही इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सकता है।