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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 23, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राजनाथ से नीतीश का आग्रह 'जिनका दिमाग खुला हो वैसे एक्सपर्ट भेजें'

By Kajal KumariEdited By:
Published: Tue, 23 Aug 2016 08:26 AM (GMT+05:30)Updated: Tue, 23 Aug 2016 11:06 PM (GMT+05:30)

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से आग्रह किया है कि फरक्का बांध के अध्ययन के लिए एक्पर्ट वैज्ञानिक भेजें।

राजनाथ से नीतीश का आग्रह 'जिनका दिमाग खुला हो वैसे एक्सपर्ट भेजें'
राजनाथ से नीतीश का आग्रह 'जिनका दिमाग खुला हो वैसे एक्सपर्ट भेजें'

पटना [राज्य ब्यूरो]। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह को कहा है कि बिहार में गंगा के अध्ययन के लिए वैसे विशेषज्ञों को भेजें जिनका दिमाग खुला हो। नीतीश कुमार का कहना है कि फरक्का बांध की वजह से ही बिहार में गंगा का यह हाल हुआ है और फरक्का बांध को तोड़ देना ठीक है।

सोमवार को विधान परिषद एनेक्सी में 'युगांतर प्रकृति' पत्रिका के बिहार विशेषांक के विमोचन के बाद नीतीश ने ये बातें कहीं। पत्रिका का प्रकाशन झारखंड के मंत्री सरयू राय के निर्देशन मेंं हो रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने फोन पर गंगा की बाढ़ की जानकारी ली। मैैंने उनसे कहा कि फरक्का बांध की वजह से बिहार में गंगा का जो हाल हुआ है उसके अध्ययन के लिए वैसे विशेषज्ञों को भेजें जिनका दिमाग खुला हो। बिहार में बाढ़ की वजह गंगा का छिछला हो जाना है। फरक्का बांध की वजह से गंगा में लगातार सिल्ट जमा हो रहा है। थोड़ा पानी बढऩे पर भी बाढ़ आ जाती है।

उन्होंने कहा कि दस वर्ष पूर्व मुख्यमंत्री का पद संभाले मुझे मात्र सात दिन ही हुए थे। उस समय दैनिक जागरण के कांक्लेव में हमने पहली बार फरक्का की वजह से बिहार में गंगा की दुर्दशा का मुद्दा उठाया था। मैं तो इसके बाद भी लगातार कह रहा हूं। पर केंद्र हमारी बात सुनता ही नहीं।

जब यूपीए सरकार के जल संसाधन मंत्री पवन बसंल बिहार आए थे तो मैं उन्हें फरक्का की वजह से उत्पन्न संकट दिखाने ले गया था। पहले बक्सर गए और फिर बक्सर से फरक्का तक। तब उन्होंने भी फरक्का बराज को तोडऩे की बात कही थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीतिगत कारणों से फरक्का बांध को तोडऩा संभव नहीं है पर विशेषज्ञों को इसका विकल्प जरूर बताना चाहिए। कल बख्तियारपुर में देखा कि वहां मेरे घर के पूरब और पश्चिम दोनों ओर पानी है। मैैंने बचपन से देखा है, वहां कभी पानी नहीं आता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिल्ट मैनेजमेंट के बगैर नमामि गंगे का मकसद पूरा नहीं हो सकता। गंगा की स्वच्छता इसकी अविरलता पर निर्भर है। वाणसागर एग्रीमेंट के हिसाब से रबी फसलों के लिए पानी नहीं मिलता और अब यहां बाढ़ आ गई है।

इस मौके पर विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार, जल विशेषज्ञ दिनेश मिश्र मौजूद थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पर्यावरणविद एबी प्रसाद, डॉल्फिन मैन आरके सिन्हा व गोपाल शर्मा को सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन विधान पार्षद प्रो. रामवचन राय ने किया।