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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 02, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

VISION DOCUMENT के बदले BJP बताए, प्याज-दाल मंहगे क्यों : महागठबंधन

By Amit AlokEdited By:
Published: Fri, 02 Oct 2015 07:37 AM (IST)Updated: Fri, 02 Oct 2015 09:21 AM (IST)

भाजपा के 'विजन डॉक्यूमेंट’ को महागठबंधन ने एक हारी हुई पार्टी का थका हुआ दस्तावेज करार दिया है। महागठबंधन ने ...और पढ़ें

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पटना। भाजपा के 'विजन डॉक्यूमेंट’ को महागठबंधन ने एक हारी हुई पार्टी का थका हुआ दस्तावेज करार दिया है। जदयू सांसद पवन वर्मा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सूरजेवाला और राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो. मनोज झा ने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट में भाजपा द्वारा वही मुद्दे उठाए गए हैं, जिन पर नीतीश कुमार के नेतृत्व में यहां पहले से ही ठोस तरीके से काम हो रहा है।

उन्होंने कहा, विकास की बात करने वाली भाजपा का ट्रैक रिकार्ड सभी को पता है। देश की आर्थिक स्थिति बद से बदतर हो चुकी है। भाजपा को बताना चाहिए कि प्याज व दाल महंगी क्यों हुई?

जदयू सांसद पवन वर्मा ने कहा कि यह विजन डॉक्यूमेंट विकास के गुजरात मॉडल को जरूर प्रदर्शित करता है, जो 'जॉबलेस’ विकास का मॉडल है। गुजरात में 17 प्रतिशत की अनुसूचित जनजाति और 11 प्रतिशत की अनुसूचित जाति के प्रति व्यक्ति आय में क्रमश: 0.14 प्रतिशत और दो प्रतिशत की ही वृद्धि हुई है। कहा, वहां एक तिहाई आबादी गरीबी रेखा के नीचे है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में जो काम हुआ है उसने आम लोगों की जिंदगी को छुआ है। सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि दर (जीडीपी ग्रोथ) सबसे ज्यादा रहा, प्रति व्यक्ति आय और जीएसडीपी दोगुना हुआ है। पहले 55 फीसद लोग गरीबी रेखा से नीचे थे, मगर आज यह प्रतिशत मात्र 34 का रह गया है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सूरजेवाला ने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट जारी करने वाले वित्त मंत्री अरुण जेटली के चेहरे को देख कहा जा सकता है, 'उतरा चेहरा, राग बेजार, हारेगी भाजपा, जीतेगा बिहार।Ó उन्होंने कहा कि अरुण जेटली को इतना भी नहीं मालूम कि 1970-1980 और 2005 से लेकर करीब आठ सालों तक भाजपा बिहार में सरकार में रही है। हमारे महागठबंधन को अवसरवादी एवं अस्थिर कहने वाले अरुण जेटली यह भी देखें कि रामविलास पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा ने कितने दल बदले हैं। शत्रुघ्न सिन्हा और आरके सिंह के बयान पर भी गौर करें। कृषि ऋण को जीरो इंटरेस्ट पर करने की बात करते हैं तो केंद्र सरकार द्वारा ऐसा क्यों नहीं किया है?

कहा, जब से भाजपा यहां सरकार से अलग हुई है, निवेश बढ़ा है। 2013-14 में 612 करोड़ निवेश हुआ था जो 2014-15 में बढ़कर 1870 करोड़ हो गया है।

राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो. मनोज झा ने कहा कि यह विजन डॉक्यूमेंट 'कट एंड पेस्टÓ का अद्भुत उदाहरण है, जो भाजपा की हताशा दर्शाता है। विजन डॉक्यूमेंट तो संघ प्रमुख मोहन भागवत ने पहले ही जारी कर दिया था। महंगाई की बात करने पर अरुण जेटली प्राइस इंडेक्स की बात करते हैं, वे यह क्यों नहीं बताते कि प्याज-दाल जैसी वस्तु भी महंगी क्यों हैं? इनका ग्रामीण विकास का विजन ऐसा ही है जैसे 1960 की ब्लैक एंड ह्वाइट फिल्म को रंगीन बनाया हो।

संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस नेता हरखू झा, प्रेमचंद मिश्रा, जदयू नेता डॉ. निहोरा प्रसाद यादव भी मौजूद थे।