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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 16, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बैंक का कर्ज अदा नहीं करने पर जेल

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Published: Tue, 16 Feb 2016 09:53 PM (GMT+05:30)

जागरण संवाददाता, नवादा: बैक का कर्ज अदा नहीं करने पर एक कर्जदार को जेल जाना पड़ा। हा

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जागरण संवाददाता, नवादा: बैक का कर्ज अदा नहीं करने पर एक कर्जदार को जेल जाना पड़ा। हालांकि कर्जदार ने अपनी जिन्दगी के सुखमय जीवन के लिये बैंक से ऋण लिया था। किन्तु बिचौलिए और समय ने उसे जेल पहुंचा दिया। बताया जाता है कि वारिसलीगंज उत्तर बाजार निवासी श्रवण कुमार को प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत एक लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ था। ऋण अदायगी नहीं करने पर यह राशि बढ़ कर करीब पौने तीन लाख हो गयी। तब बैंक ने उक्त राशि की वसूली के लिये ऋणी के विरुद्ध जिला नीलाम पत्र न्यायालय में वाद दायर किया। कोर्ट द्वारा निर्गत वारंट के आधार पर वारिसलीगंज थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर मंगलवार को सतीश चंद्र झा, जिला नीलाम पत्र पदाधिकारी के समक्ष पेश की। जहां से उसे मंडल कारा भेज दिया गया। इस संबंध में जेल गये श्रवण कुमार की पत्नी संगीता देवी ने बतायी कि उनके पति को एक लाख रुपये का ऋण भारतीय स्टेट बैंक वारिसलीगंज शाखा से स्वीकृत हुआ था। किन्तु बिचौलिये के कारण उसके पति के हाथ में केवल 70 हजार रुपये ही मिले। इस कारण व्यापार फेल हो गया। और वह समय पर ऋण की अदायगी नहीं कर सकी।