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    डीएमसीएच : हाई वोल्टेज ड्रामे के बीच खाली हुआ चार दर्जन आवास

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    Updated: Sun, 03 Apr 2016 12:33 AM (IST)

    दरभंगा। डीएमसीएच के नर्स हॉस्टल व क्वार्टरों में अवैध कब्जा को खाली कराने आए पुलिस-प्रशासन को शनिवार

    दरभंगा। डीएमसीएच के नर्स हॉस्टल व क्वार्टरों में अवैध कब्जा को खाली कराने आए पुलिस-प्रशासन को शनिवार को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान परिचारिका संघ गोपगुट के समर्थन में माले, इनौस के नेता व कार्यकर्ता भी मैदान में उतर गए थे। परिचारिकाओं ने अस्पताल प्रशासन के विरोध में जमकर नारेबाजी की। नर्सों के विरोध के बाद एसडीओ सदर डॉ. गजेन्द्र कुमार ¨सह, एएसपी दिलनवाज अहमद ने आक्रोशित नर्सों से वार्ता की। वार्ता के दौरान एएसपी ने हाईकोर्ट का हवाला देकर नर्सों को समझाने का प्रयास किए। इस बीच नर्सों ने न्यू नर्सेज हॉस्टल को खाली कराने से पहले सिस्टर क्वार्टर, मेन नर्सेस हॉस्टल, मुस्लिम नर्सेस हॉस्टल व कालाजार नर्सेस हॉस्टल को अवैध कब्जा से मुक्त कराने की मांग की। इसके बाद ही वे लोग न्यू नर्सेज हॉस्टल खाली करने की बात

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    कही। नर्सों की मांग मांगकर डीएमसीएच अधीक्षक डॉ. संतोष कुमार मिश्रा ने पहले मेन नर्सेज हॉस्टल व सिस्टर क्वार्टर खाली करने के आदेश दिए। वहां भी पुलिस को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। मेन नर्सेज हॉस्टल में रह रही नर्सों

    का कहना था कि उनलोगों का मामला कोर्ट में था भी नहीं और न ही पहले से कोई नोटिस ही दिया गया था।

    अस्पताल अधीक्षक ने बिना पूर्व सूचना के ही उनके आवास को जबरन खाली करवा दिया। वहीं सिस्टर क्वार्टर में भी वर्षों से जमी एक संघ की नेता के आवास को भी खाली कराया गया।

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    आवास खाली कराने से हुई परेशानी :

    अवैध रूप से हॉस्टल व क्वार्टर को कब्जा कर रह रही नर्सों को पुलिस ने आज बलपूर्वक खाली कराया। इस दौरान जिन लोगों ने कमरा बंद कर गायब थे। मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में बंद कमरे का ताला तोड़ा गया। इस बीच कमरा खाली करने के कारण नर्सों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नर्सों ने बताया कि अचानक उनलोगों को अपने सगे संबंधी के घर सामान भेजना पर रहा है। जबकि, जबरन सामान बाहर हटाए जाने के कारण काफी क्षति हुई है। इसके जिम्मेवार अस्पताल अधीक्षक हैं।

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    अधीक्षक को चारों ओर से झेलना पड़ा दवाब :

    हाईकोर्ट के आदेश के बाद अस्पताल प्रशासन को नर्सेज क्वार्टर में अवैध रूप से रह रही सेवानिवृत नर्स, एक की जगह दो और उससे अधिक कमरा पर कब्जा जमाए बैठे नर्सो को जब आज पुलिस प्रशासन की मदद से बलपूर्वक खाली कराया जा रहा था। उस समय अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष कुमार मिश्रा को चारों तरफ से दवाब झेलना पड़ रहा था। इस विवाद में दरभंगा से लेकर पटना तक के नेता पक्ष व विपक्ष में पहुंचे हुए थे। लेकिन, अधीक्षक सबों की बाते सुनकर सिर्फ हाईकोर्ट का हवाला देते हुए अपनी विवशता जता रहे थे। वहीं एएसपी दिलनवाज अहमद नर्सों को बड़े ही खूबसूरत अंदाल म ं समझाने में कामयाब दिख रहे थे। एस समय ऐसा आया कि जब कुछ नर्सों चिल्लाते हुए अधीक्षक कार्यालय में पहुंच गई। जबतक कोई कुछ जवाब देता एएसपी ने नर्सों को शांत होने व अधीक्षक के अर्दली को तुरंत नर्स को पानी पिलाने को कह उनके गुस्से को ठंडा कर दिया।

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    हाईकोर्ट का क्या है आदेश :

    डीमसीएच स्थित न्यू नर्सेज हॉस्टल विवाद मामले में पटना हाईकोर्ट में 17 मार्च 2016 को विकास कुमार उर्फ गुड्डू बाबा द्वारा दायर सीडब्ल्यूजेसी 6684/2010 की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने न्यू नर्सेज हॉस्टल में अवैध कब्जे व गलत तरीके से कमरे आवंटन किए जाने को लेकर डीएमसीएच अधीक्षक डॉ. संतोष कुमार मिश्रा की जमकर क्लास लगाई थी। सुनवाई के दौरान न्यू नर्सेज हॉस्टल में अवैध रूप से रह रही नर्सों से पैसे लेकर गलत तरीके से आवास का आवंटन करने की बात सामने आने पर कोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया था। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने अधीक्षक को अविलंब न्यू नर्सेज हॉस्टल को अवैध कब्जा से मुक्त कराकर हलफनामा दायर करने को कहा था। कोर्ट के आदेश के बाद अधीक्षक डॉ. मिश्रा 17 मार्च की ही शाम पटना से सीधे डीएमसीएच पहुंचे और उसी दिन देर शाम न्यू हॉस्टल में रह रही नर्सों को 7 दिनों के भ तर आवास खाली करने का आदेश दिया। आवास खाली नहीं करने की सूरत में जिला प्रशासन के सहयोग से पुलिस बल की तैनाती में बलपूर्वक आवास खाली कराने की बात कही। अधीक्षक के आदेश के बाद भी हॉस्टल में अधिकांश परिचारिकाएं वहां जमी हुई हैं। जिसे आज से खाली कराने का अभियान शुरू हुआ है। बता दें कि हाईकोर्ट में अगली तारीख 8 अप्रैल को है। इससे पहले अधीक्षक को कोर्ट में अतिक्रमण मुक्त होने का हलफनामा देना है।

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    नर्सो का धरना चौथे दिन भी जारी :

    बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य परिचारिका संघ के बैनर तले न्यू नर्सेज हॉस्टल में रह रही नर्स डीएमसीएच अधीक्षक कार्यालय पर चौथे दिन भी धरना पर बैठी रही। नर्सों की मांग थी कि वे लोग पिछले तीन साल से हास्टल में रह रही हैं। हॉस्टल आवंटन को लेकर उनलोगों ने कई बार आवेदन भी दिए। लेकिन, एक कर्मचारी संगठन के दवाब में आकर पूर्व व वर्तमान अधीक्षक ने हॉस्टल का आवंटन नहीं किया। इस बीच डीएम के आदेश पर अधीक्षक ने 12 मार्च को हॉस्टल का लिखित रूप से आवंटन कर भी दिया। लेकिन, चार दिनों बाद ही हाई कोर्ट का भय दिखाकर गलत तरीके से हॉस्टल खाली करने का आदेश दे दिया। धरना दे रही नर्सों ने मांग की कि उनलोगों के साथ न्याय हो। अगर, जबरन हॉस्टल खाली कराया गया तो वे लोग पूरी ताकत से इसका विरोध करेंगी। लेकिन, अस्पताल प्रशासन व पुलिस प्रशासन से वार्ता के बाद इनके गुस्से भी ठंडे पड़ते दिख रहे हैं। लेकिन, न्यू नर्सेज हॉस्टल में रह रही नर्सों ने कहा है कि अस्पताल प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था करे तभी वे लोग हॉस्टल खाली करेगी। इसपर अधीक्षक ने उक्त नर्सों को हॉस्टल के बरामदे पर सामान रखने की अनुमति दे दी है।

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    हाईकोर्ट के आदेश का अक्षरश: पालन होगा। जो लोग स्वेच्छा से अतिक्रमित आवास खाली नहीं करेंगे उनके आवास को बलपूर्वक खाली कराया जाएगा। रविवार को भी अतिक्रमण खाली करने का काम जारी रहेगा।

    डॉ. संतोष कुमार मिश्रा, डीएमसीएच अधीक्षक ------