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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 17, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्तरकाशी में फिर तबाही का मंजर

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Published: Mon, 17 Jun 2013 12:17 PM (IST)Updated: Mon, 17 Jun 2013 12:18 PM (IST)

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जागरण संवाददाता, उत्तारकाशी: भागीरथी और असीगंगा सहित सहायक जलधाराओं के उफान से उत्तारकाशी में फिर तबाही शुरू हो गई है। लगातार हो रही बारिश से दोनों नदियों ने बाढ़ जैसा मंजर पैदा कर दिया है, इसके चलते संगमचट्टी क्षेत्र में अस्थायी पुल व संपर्क मार्ग ध्वस्त हो गए। उत्तारकाशी में एक छात्रावास व एक मकान बह गए। यमुना घाटी में यमुना नदी के जलप्रवाह में खरादी में पटवारी चौकी व एक आवासीय भवन बह गए। जिला प्रशासन ने हालात को को देखते हुए अलर्ट घोषित कर दिया।

शनिवार की रात से हो रही बारिश के चलते उत्तारकाशी पर रविवार भारी बीता। असीगंगा व भागीरथी के जलागम क्षेत्रों में अतिवृष्टि के कारण दोनों नदियों ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए। असीगंगा के प्रवाह से संगमचट्टी क्षेत्र के सात गांवों को जोड़ने वाली सड़क रवाड़ा से आगे ध्वस्त हो गई है, जबकि डिगिला, संगमचट्टी व सेकू गांव के संपर्क मार्ग पर बने अस्थाई पुल बह गए हैं। इससे क्षेत्र के सात गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट गया है।

गंगोरी में बाढ़ सुरक्षा कार्यो में लगी तीन जेसीबी मशीनें व एक ट्रक भी असीगंगा के उफान में डूब गए। भागीरथी के जलप्रवाह से उजेली में संस्कृत महाविद्यालय छात्रावास और तिलोथ में शाहनवाज कुरैशी का दो मंजिला भवन ढह गए, जबकि तिलोथ पुल की ऐप्रोच के नीचे कटाव होने से पुल पर खतरा पैदा हो गया। इसके अलावा उत्तारकाशी व गंगोरी में हो रहे बाढ़ सुरक्षा कार्यो को भी नुकसान पहुंचा है। जिला प्रशासन ने तिलोथ पुल व जोशियाड़ा मोटर पुल से आवाजाही बंद करा दी है। दूसरी ओर यमुना घाटी में यमुना नदी के जल प्रवाह से खरादी कस्बे पर खतरा पैदा हो गया है। यमुना के उफान से कस्बे में पटवारी चौकी और शैलेंद्र सिंह के भवन बह गए। कस्बे के सात और मकान खतरे की जद में हैं।

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