जांच में आया सामने, वर्णांध होते हैं कुत्ते
जिस तरह कुछ मनुष्य वर्णांध होते हैं उसी तरह इस पशु को भी हरे और लाल रंग में अंतर करने में परेशानी होती है।
लंदन (प्रेट्र)। डॉग प्रेमियों के लिए जरूरी खबर। एक अध्ययन में सामने आया है कि आपका वफादार जानवर कुत्ता वर्णांध (कलर ब्लाइंड) होता है। वह हरे और लाल रंग में अंतर नहीं कर पाता है। इससे पहले के अध्ययनों में सामने आया था कि कुत्तों की दृष्टि कमजोर होती है और मानव नेत्रों की तुलना में उनकी आंखें किसी चीज को आठ गुना खराब देखती हैं।
इटली की यूनिवर्सिटी ऑफ बारी के वैज्ञानिकों ने कुत्तों के आंखों की जांच के लिए एक तरीका विकसित किया। इसमें सामने आया कि जिस तरह कुछ मनुष्य वर्णांध होते हैं उसी तरह इस पशु को भी हरे और लाल रंग में अंतर करने में परेशानी होती है। जंगलों में कुत्ते सुबह और शाम अधिक सक्रिय रहते हैं, जिस कारण उन्हें इन रंगों को ज्यादा देखने की जरूरत नहीं पड़ती है। वहीं, दूसरी तरफ पालतू कुत्ते ज्यादातर दिन में सक्रिय रहते हैं। इस कारण उनकी आंखें ज्यादा विकसित नहीं हो पाती हैं।
ये दी सलाह : यूनिवर्सिटी ऑफ बारी के मार्सले सिंसिंशी ने कुत्तों के प्रशिक्षकों को सलाह दी है कि कुत्तों को घास में प्रशिक्षण देने के समय लाल कपड़े पहनने से बचें। इससे उन्हें घास व प्रशिक्षक में अंतर करने में परेशानी होती है। वहीं, शोधकर्ताओं ने मालिकों को सलाह दी कि यदि कुत्ते को घास के मैदान में फ्लाइंग फ्रिशिबी या बॉल खेलने ले जा रहे हैं तो कोशिश करिए खिलौने नीले रंग के हों न कि लाल रंग के।
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