लंदन, आइएएनएस। ब्रिटेन की विपक्षी लेबर पार्टी ने कश्मीर मुद्दे पर नाराज हिंदुओं को मनाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। लेबर पार्टी ने यह कवायद उस एलान के बाद शुरू की है, जिसमें 12 दिसंबर को होने वाले आम चुनाव में हिंदुओं से लेबर पार्टी को वोट नहीं देने की अपील की गई थी। कश्मीर मुद्दे पर लेबर पार्टी द्वारा अपनाए गए रुख के बाद उसके भारत के साथ संबंध बहुत खराब हो गए हैं।

लेबर पार्टी पर हिंदू और भारत विरोधी होने का आरोप

पार्टी ने गत 25 सितंबर को अपने वार्षिक अधिवेशन में कश्मीर पर एक प्रस्ताव पारित किया था। इसमें कश्मीर घाटी में बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया था। पार्टी के इस कदम के बाद उस पर भारत और हिंदू विरोधी होने का आरोप लगाया गया था।

पार्टी ने वार्षिक अधिवेशन में पारित प्रस्ताव से दूरी बनाई 

 पार्टी को चंदा देने वाले एक बड़े हिंदू नेता की आलोचना के बाद अब लेबर पार्टी ने अपने वार्षिक अधिवेशन में पारित प्रस्ताव से दूरी बना ली है। हिंदुओं के गुस्से को शांत करने के लिए लेबर पार्टी के अध्यक्ष इयान लॉवरी खुद सामने आए। उन्होंने कहा, पार्टी कश्मीर को लेकर हिंदुओं की भावनाओं से पूरी तरह अवगत है। हमें पता है कि वार्षिक अधिवेशन में पारित प्रस्ताव में इस्तेमाल की गई भाषा से भारतीय समुदाय और भारत के लोग आहत हैं।

हमारा मानना है कि कश्मीर के मुद्दे पर मतभेदों को आधार बनाकर ब्रिटेन में धार्मिक विभाजन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। लेबर पार्टी के उम्मीदवार तनमनजीत सिंह ने भी हाल में हिंदुओं और सिखों से धार्मिक कट्टरपंथियों के विभाजनकारी एजेंडे में नहीं फंसने का आग्रह किया था।

एनआरआइ भारतीयों ने किया लेबर पार्टी का विरोध 

पिछले दिनों ब्रि‍टेन में ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ भारतीय जनता पार्टी (ओएफबीजेपी) के पदाधिकारी मंदिरों में जाकर जनसंपर्क अभियान चलाया। ये लोग कंजरवेटिव पार्टी के लिए वोट मांग रहे हैं। यह सिलसिला पूरे ब्रिटेन में चल रहा है। कई हिंदू संगठन भी इस तरह के चुनाव प्रचार में जुटे हैं। वे लेबर पार्टी के खिलाफ और कंजरवेटिव पार्टी के समर्थन में वोट डालने की अपील कर रहे हैं। वे एंटी इंडिया, एंटी मोदी और एंटी हिंदू सोच रखने वाली लेबर पार्टी को खारिज करने का नारा लगा रहे हैं।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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