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यूरोप ने उकसाया तो मिलेगा करारा जवाब, पुतिन बोले- तेल खरीद पर अमेरिका के दबाव के आगे नहीं झुकेगा भारत

By Agency Edited By: Jeet Kumar
Published: Fri, 03 Oct 2025 05:30 AM (IST)Updated: Fri, 03 Oct 2025 06:53 AM (IST)

पुतिन ने गुरुवार को अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप पर पलटवार किया। कहा ट्रंप ने पहले कहा कि शांति के लिए ...और पढ़ें

पुतिन बोले- तेल खरीद पर अमेरिका के दबाव के आगे नहीं झुकेगा भारत (फोटो- रॉयटर)
पुतिन बोले- तेल खरीद पर अमेरिका के दबाव के आगे नहीं झुकेगा भारत (फोटो- रॉयटर)

HighLights

  1. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बदल रहे बात, रूस कागजी शेर नहीं
  2. यूक्रेन में पूरा नाटो लड़ रहा, फिर भी रूसी सेना आगे बढ़ रही
  3. कहा, तेल खरीद पर अमेरिका के दबाव के आगे नहीं झुकेगा भारत

 सोची, रॉयटर। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप पर पलटवार किया। कहा, ट्रंप ने पहले कहा कि शांति के लिए यूक्रेन को अपनी जमीन छोड़नी होगी लेकिन पिछले हफ्ते उनका स्वर बदल गया और कहने लगे कि यूक्रेन अपनी खोई जमीन रूस से जीतकर ले लेगा।

पुतिन ने कहा, रूस कागजी शेर नहीं है

पुतिन ने कहा, रूस कागजी शेर नहीं है। अगर महसूस हुआ कि यूरोप उकसा रहा है तो उसे त्वरित करारा जवाब दिया जाएगा। ट्रंप ने पिछले हफ्ते रूस को कागजी शेर बताया था।

अमेरिका के दबाव के आगे नहीं झुकेगा भारत- पुतिन

पुतिन ने तेल खरीद के मुद्दे पर अमेरिकी दबाव की आलोचना की और कहा कि भारत झुकने वाला नहीं है। भारत खुद को कभी अपमानित नहीं होने देगा। मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी अच्छी तरह से जानता हूं। वह खुद इस तरह का कोई कदम नहीं उठाएंगे।

पुतिन ने वाल्दाई डिस्कशन ग्रुप में कहा कि रूसी तेल के बिना वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा और यदि इसकी आपूर्ति बंद हो जाती है, तो तेल की कीमतें प्रति बैरल 100 डालर से भी ऊपर बढ़ सकती हैं।

पुतिन ने भारत के लेकर कही ये बात

उनका कहना था कि अगर भारत हमारी ऊर्जा आपूर्ति से इनकार कर देता है, तो उसे निश्चित रूप से नुकसान होगा। मुझे यकीन है कि भारत जैसे देश के लोग राजनीतिक नेतृत्व के फैसलों पर कड़ी नजर रखेंगे और वे किसी के सामने देश को अपमानित होने नहीं देंगे। भारत के साथ आपसी व्यापार में पेमेंट सिस्टम को लेकर आ रही दिक्कत को ब्रिक्स के ढांचे में जल्द दूर कर लिया जाएगा।

यूक्रेन में पूरा नाटो लड़ रहा, फिर भी रूसी सेना आगे बढ़ रही

पुतिन ने कहा, यूक्रेन में रूसी सेना अमेरिका के नेतृत्व वाले पूरे नाटो से लड़ते हुए आगे बढ़ रही है फिर रूस कागजी शेर कैसे हो गया ? पुतिन ने इस आशंका से इन्कार किया कि रूस अपनी ओर से किसी नाटो सदस्य देश पर हमला करेगा। कहा, अगर किसी को महसूस होता है कि वह सैन्य क्षेत्र में रूस से मुकाबला कर सकता है तो यह सोचने के लिए वह स्वतंत्र है। अगर इस सोच को लेकर कोई मैदान में मुकाबला करना चाहे तो कर सकता है।

पुतिन ने कहा कि अगर कोई परमाणु शक्ति संपन्न देश नाभिकीय परीक्षण करता है, तो रूस भी ऐसा करेगा। रूसी राष्ट्रपति ने कहा, नाटो के देश यूक्रेन को खुफिया सूचना, हथियार और प्रशिक्षण दे रहे हैं। इसके बाद उनमें हिस्टीरिया (भयजनित मानसिक बीमारी) फैल रहा है कि रूस उन पर हमला कर सकता है। लेकिन यह आशंका गलत है। विश्वास करने योग्य नहीं है।

वह नाटो देशों से यही कह सकते हैं कि वे दिमाग ठंडा करें- पुतिन

पुतिन ने कहा, वह नाटो देशों से यही कह सकते हैं कि वे दिमाग ठंडा करें, शांति से सोएं और अपनी समस्याओं के निस्तारण में समय खर्च करें। देखें यूरोपीय शहरों की सड़कों पर क्या हो रहा है। जहां तक यूक्रेन का सवाल है तो उसकी सेना सैनिकों की भारी कमी और बर्बादी झेल रही है जबकि रूस के पास पर्याप्त सैनिक हैं।

पुतिन ने सुझाव दिया कि यूक्रेन वार्ता करे और युद्ध खत्म करे। रूस ने फ्रांस में पुलिस द्वारा पकड़े गए रूसी तेल कारोबार से जुड़ा टैंकर पकड़े जाने पर नाराजगी जताई है। इस टैंकर का कैप्टन चीनी नागरिक है।

यूक्रेन की मदद पर बेल्जियम ने मांगी यूरोपीय गारंटी

यूक्रेन युद्ध से जुड़े प्रकरण में बेल्जियम ने कहा है कि रूस की जब्त संपत्ति के आधार पर यदि वह यूक्रेन को 165 अरब डालर का कर्ज देता है तो भविष्य में उससे पैदा होने वाले रूसी खतरे से निपटने में सहयोग की उसे गारंटी चाहिए। यह गारंटी सभी यूरोपीय देशों को देनी होगी।

विदित हो कि यूरोप में सबसे ज्यादा रूसी संपत्ति बेल्जियम में थी और प्रतिबंधों के तहत उसने उस संपत्ति को जब्त कर लिया है। अब यूरोपीय देश जब्त रूसी संपत्ति से यूक्रेन को मदद देने की योजना बना रहे हैं जिस पर रूस ने कड़ी आपत्ति जताई है।

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