Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Pakistan: अवैध दस्तावेजों के साथ पाक में रह रहे अफगानियों पर हो रही कार्रवाई, किए जा रहे निष्कासित

    By Jagran NewsEdited By: Jeet Kumar
    Updated: Sat, 09 Dec 2023 05:00 AM (IST)

    पाकिस्तान के कार्यवाहक गृह मंत्री सरफराज बुगती ने शुक्रवार को कहा कि उन 10 अफगानों को भी निर्वासित किया जाएगा जो वैध रूप से रह रहे हैं लेकिन राजनीति में भाग ले रहे थे। पाकिस्तान सरकार ने दो महीने पहले देशव्यापी स्तर पर निष्कासन की कार्रवाई शुरू की। अफगानिस्तान में 1979 से 1989 के दौरान सोवियत कब्जे के दौरान भाग निकले अफगानों ने पाकिस्तान में शरण ली।

    Hero Image
    पाकिस्तान से अफगानों को निर्वासित किया जाएगा जो वैध रूप से रह रहे हैं

    एपी, इस्लामाबाद। अवैध विदेशियों के विरुद्ध निष्कासन कार्रवाई शुरू होने के बाद पाकिस्तान में वैध दस्तावेज के बिना रहने वाले करीब 50 लाख अफगान स्वदेश लौट चुके हैं। पाकिस्तान के कार्यवाहक गृह मंत्री सरफराज बुगती ने शुक्रवार को कहा कि उन 10 अफगानों को भी निर्वासित किया जाएगा जो वैध रूप से रह रहे हैं, लेकिन राजनीति में भाग ले रहे थे। पाकिस्तान सरकार ने दो महीने पहले देशव्यापी स्तर पर निष्कासन की कार्रवाई शुरू की।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    अफगानिस्तान की आपत्ति और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना शुरू होने के बाद पाकिस्तान ने कहा कि यह अभियान अफगानों के विरुद्ध नहीं है। अफगानिस्तान में 1979 से 1989 के दौरान सोवियत कब्जे के दौरान भाग निकले अफगानों ने पाकिस्तान में शरण ली।

    इसके बाद 2021 में अमेरिका और नाटो की वापसी के बाद तालिबान ने सत्ता पर कब्जा कर लिया और पांच लाख से अधिक अफगान भाग निकले। शुक्रवार को इस्लामाबाद में सरफराज ने कहा कि पिछले दो महीने में 4,82,000 अफगान स्वदेश लौटे हैं जिनमें से 90 प्रतिशत स्वेच्छा से गए हैं।

    अवैध शरणार्थियों से पाकिस्तान की सुरक्षा को खतरा : सेना प्रमुख

    पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने कहा कि अवैध शरणार्थी देश की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने अवैध शरणार्थियों को निष्कासित करने के सरकार के फैसले का समर्थन किया।

    अफगानों के साथ इस्लामिक मूल्यों का पालन नहीं हो रहा: इमरान

    जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि अफगान शरणार्थियों के साथ इस्लाम और उसके सामाजिक मूल्यों के अनुसार व्यवहार नहीं किया जा रहा है। जेल से भेजे गए संदेश को इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने जारी किया है।