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    पाकिस्तान के तक्षशिला में ऐतिहासिक खोज, कुषाण काल के सिक्कों के साथ और क्या-क्या मिला?

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 07:25 PM (IST)

    तक्षशिला के पास यूनेस्को धरोहर स्थल पर खुदाई में दुर्लभ सजावटी पत्थर लैपिस लाजुली और कुषाण काल के सिक्के मिले हैं। ये खोजें प्राचीन सभ्यता की प्रारंभि ...और पढ़ें

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    तक्षशिला में यूनेस्को स्थल पर दुर्लभ लैपिस लाजुली पत्थर मिले। (सांकेतिक तस्वीर)

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तक्षशिला के पास यूनेस्को धरोहर स्थल की खोदाई के दौरान दुर्लभ सजावटी पत्थर और सिक्के खोजे गए। इससे विशाल प्राचीन सभ्यता की सबसे प्रारंभिक शहरी बस्ती की झलक मिलती है।

    रिपोर्ट में बताया गया है कि विशेषज्ञों ने कुषाण काल से संबंधित दुर्लभ कांस्य सिक्कों के साथ-साथ लैपिस लाजुली के रूप में पहचाने गए रूपांतरित सजावटी पत्थरों के टुकड़े भी खोजे हैं, जिससे प्राचीन गांधार के भौतिक इतिहास को एक महत्वपूर्ण नई दिशा मिली है।

    तक्षशिला में यूनेस्को स्थल पर दुर्लभ लैपिस लाजुली पत्थर मिले

    पंजाब पुरातत्व विभाग के उप निदेशक और उत्खनन दल के प्रमुख आसिम डोगर ने कलाकृतियों के प्रारंभिक विश्लेषण की पुष्टि की। डोगर ने कहा, 'सजावटी पत्थर लैपिस लाजुली हैं, जबकि सिक्के कुषाण काल के हैं।'

    पाकिस्तान के पुरातत्वविदों ने ये खोजें प्राचीन भीर टीले पर कीं। सजावटी पत्थर ईसा पूर्व छठी शताब्दी के हैं और सिक्के दूसरी शताब्दी ईस्वी के हैं।

    यह खोज प्राचीन सभ्यता की प्रारंभिक शहरी बस्ती की झलक देती है

    अधिकारियों ने इस खोज को एक दशक में इस स्थल पर हुई सबसे महत्वपूर्ण खोज बताया है। सिक्कों पर सम्राट वासुदेव की छवि अंकित है। इतिहासकार वासुदेव को इस क्षेत्र पर शासन करने वाले महान कुषाण शासकों में अंतिम मानते हैं।