इस्लामाबाद, पीटीआई। पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। मुल्क नकदी, खाद्य समेत कई तरह का सामना कर रहा है। इसी बीच प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने चौंका देने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि देश के लिए हमारा गठबंधन अपने राजनीतिक करियर का त्याग करने के लिए तैयार था। मौजूदा संकट के बीच पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और मौजूदा सरकार के बीच संकीर्ण राजनीतिक प्रतिद्वंद्वता देखने को मिल रही है। इसके बावजूद पाकिस्तान आर्थिक और राजनीतिक दरार को भरने की कोशिश कर रहा है।

शहबाज शरीफ ने मंगलवार को 'पीएम यूथ लोन स्कीम फॉर बिजनेस एंड एग्रीकल्चर' के एक कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने संकेत दिया कि सरकार कर्ज कार्यक्रम को पुनर्जीवित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की कड़ी शर्तों वाली कड़वी गोली निकलने के लिए तैयार है।

कड़ी शर्तों का पालन करने को पाक तैयार

रिपोर्ट के मुताबिक, डॉन अखबार ने पाकिस्तान प्रधानमंत्री के हवाले से बताया कि हम आपकी (IMF) शर्तों के साथ बैठने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मैंने दो सप्ताह पहले आईएमएफ प्रमुख से बात की थी और हमने सक्रिय रूप से उनसे संपर्क किया है ताकि कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा सके।

बता दें कि आईएमएफ ने भी साफ किया था कि जब तक पाकिस्तान उनकी शर्तें नहीं मानेगा तब तक 1.6 अरब डॉलर की अगली किश्त जारी नहीं की जाएगी। दरअसल, आईएमएफ 6 किश्तों के माध्यम से पाकिस्तान को 9 अरब डॉलर रुपये का कर्जा देने वाला था लेकिन अभी तक 3 अरब डॉलर की दो किश्तें ही जारी की गई हैं।

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शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान की समस्याओं को हल करने की सामूहिक जिम्मेदारी के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि सरकार के लोगों (नेताओं और अमीरों) को एक उदाहरण स्थापित करना होगा और गरीबों पर कीमतों में वृद्धि का अनुचित बोझ डालना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर इन मुद्दों को संबोधित नहीं किया गया तो हम अपने पीछे क्या विरासत छोड़ कर जाएंगे ? यह स्पष्ट है कि पाकिस्तान बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में अगर हमने जिम्मेदारी ली है तो देश को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकालने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

संकट के समय न करें राजनीति

शहबाज शरीफ ने कहा कि संकट के समय पार्टियां राजनीति न करें। पाकिस्तान को बचाने के लिए उन लोगों को राजनीति का त्याग करना होगा। दरअसल, शहबाज शरीफ पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का जिक्र कर रहे थे। जिन्होंने नए सिरे से आम चुनाव कराने का दबाव बनाया है।

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Edited By: Anurag Gupta

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