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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 10, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Pakistan: संविधान से ज्यादा इमरान के प्रति कृतज्ञ हैं राष्ट्रपति अल्वी, विधेयक लौटाए जाने पर बोले शहबाज शरीफ

By AgencyEdited By: Anurag Gupta
Published: Mon, 10 Apr 2023 04:00 AM (IST)

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि राष्ट्रपति आरिफ अल्वी द्वारा विधेयक लौटाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। राष्ट्रपति ने अपनी ...और पढ़ें

Pakistan: संविधान से ज्यादा इमरान के प्रति कृतज्ञ हैं राष्ट्रपति अल्वी, विधेयक लौटाए जाने पर बोले शहबाज शरीफ
Pakistan: संविधान से ज्यादा इमरान के प्रति कृतज्ञ हैं राष्ट्रपति अल्वी, विधेयक लौटाए जाने पर बोले शहबाज शरीफ

इस्लामाबाद, एजेंसी। कामकाज एवं प्रक्रिया विधेयक 2023 को संसद को लौटाने पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्रपति आरिफ अल्वी की आलोचना करते हुए उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की अगुआई वाली पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) का कार्यकर्ता बताया है। 

इस विधेयक को स्वत: पीठ गठित करने सहित सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की शक्तियों में कटौती करने के लिए लाया गया था। संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद कानून का रूप देने के लिए उसे राष्ट्रपति के पास स्वीकृति के लिए भेजा गया था। 

''राष्ट्रपति ने स्वयं को PTI कार्यकर्ता किया प्रमाणित''

राष्ट्रपति द्वारा विधेयक को लौटाए जाने के कुछ घंटे बाद पीएम शरीफ ने ट्वीट किया कि राष्ट्रपति अल्वी द्वारा विधेयक लौटाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। राष्ट्रपति ने अपनी गतिविधि से स्वयं को पीटीआई का कार्यकर्ता प्रमाणित किया है। वह संविधान से ज्यादा इमरान खान के प्रति कृतज्ञ हैं।

बता दें कि पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में चुनावों को लेकर देश में गहराते राजनीतिक और संवैधानिक संकट के बीच पिछले महीने संसद के दोनों सदनों ने इस विधेयक को मंजूरी दे दी थी और सहमति के लिए राष्ट्रपति के पास भेज दिया था।

पाकिस्तान सरकार के प्रदर्शन पर श्वेतपत्र जारी करेंगे इमरान

पीटीआई प्रमुख इमरान खान पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट सरकार के तीन वर्ष के प्रदर्शन पर श्वेतपत्र जारी करेंगे। सूत्रों के अनुसार, वीडियो लिंक के माध्यम से इमरान देश की आर्थिक स्थिति पर श्वेतपत्र जारी करेंगे। वह अपनी पूर्व की सरकार के प्रदर्शन से वर्तमान सरकार के कदमों की तुलना करेंगे।