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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'वो मॉस्को वाले हो या राम वाले हो....' कश्मीर एकजुटता दिवस का विरोध करने वालों को दी हमले की धमकी, देखें वायरल वीडियो

By Agency Edited By: Nidhi Avinash
Published: Sun, 04 Feb 2024 03:38 PM (IST)

5 फरवरी को कश्मीर एकजुटता दिवस ( Kashmir Solidarity Day) का विरोध करने वालों पर हमले की धमकी दी गई ...और पढ़ें

कश्मीर एकजुटता दिवस का विरोध करने वालों पर हमले की धमकी (Image: X/@QaisarJaved_)
कश्मीर एकजुटता दिवस का विरोध करने वालों पर हमले की धमकी (Image: X/@QaisarJaved_)

एएनआई, गिलगित बाल्टिस्तान। 5 फरवरी को दुनिया भर के कई कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) के लोगों के अधिकारों के लिए आवाज उठाएंगे। बता दें कि इसी दिन कश्मीर एकजुटता दिवस भी है जिसके विरोध में प्रदर्शन किए जाएंगे। इन सबके बीच सोशल मीडिया 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें लोगों को उस दिन विरोध न करने की धमकी दी गई है।

वीडियो में एक व्यक्ति को यह दावा करते हुए देखा जा सकता है कि वह सैकड़ों लोगों के साथ पीओके के इलाके में घूमेगा और प्रदर्शनकारियों पर हमला करेगा और कोई भी उन्हें रोकने में सक्षम नहीं होगा। वीडियो के साथ पोस्ट किए गए विवरण में दावा किया गया है कि यह व्यक्ति पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठन से संबंधित है।

वीडियो में शख्स ने दी खुली चुनौती

वीडियो में एक व्यक्ति कहता हुआ नजर आ रहा है कि '5 फरवरी के विरोध में, चाहे वह मॉस्को के लोग हों या कोई अन्य संगठन हो, मैं खुले तौर पर यह घोषणा करता हूं कि मैं अपने सैकड़ों लोगों के साथ शहर में प्रवेश करूंगा और अगर कोई मुझे रोक सकता है तो रोक कर दिखाए।' इस बीच, दुनिया भर के कई कार्यकर्ताओं ने कश्मीर एकजुटता दिवस मनाने का विरोध करने की घोषणा की है।

इससे पहले, यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) जैसे राजनीतिक दलों ने संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (एएसी) के साथ एकजुटता दिखाते हुए तथाकथित 'कश्मीर एकजुटता दिवस' का विरोध करने के लिए 5 फरवरी को लंदन में पाकिस्तान उच्चायोग पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की थी। 

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाए जाएंगे मांग

प्रदर्शनों से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) के लोगों की मांगों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा।एएनआई से बात करते हुए, यूकेपीएनपी के प्रवक्ता नजीर अजीज खान ने कहा, '5 फरवरी का विरोध यूकेपीएनपी और एएसी द्वारा पीओके के लोगों पर किए जा रहे अत्याचारों के लिए पाकिस्तानी शासन को बुलाने का एक प्रयास होगा।'

विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य पीओके में एएसी और लोगों के अधिकार आंदोलन के लिए एकजुटता और समर्थन दिखाना है और पीओके में एएसी ने 5 फरवरी को पीओके में पूर्ण शटडाउन और व्हील-जाम हड़ताल की घोषणा की है।

5 फरवरी तक पूरी नहीं की गईं मांगें तो...

इससे पहले, मानवाधिकार कार्यकर्ता अमजद अयूब मिर्जा ने कहा था कि अगर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) और गिलगित-बाल्टिस्तान के लोगों की मांगें 5 फरवरी तक पूरी नहीं की गईं, तब विदेश में रहने वाले राजनीतिक निर्वासितों के पास पीओके की निर्वासित राष्ट्रीय सरकार बनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।

मिर्जा ने कहा कि पीओके में बिजली बिल पर टैक्स कम करना या गिलगित-बाल्टिस्तान में गेहूं की कीमतें कम करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने मांग की कि पाकिस्तान पीओके और पीओजीबी से अपने सैनिकों को वापस बुलाए और कब्जे वाले क्षेत्रों की विधानसभाओं को पूर्ण संप्रभु बनने की अनुमति दे।

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