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PoK में शहबाज सरकार के खिलाफ सड़कों पर Gen Z का हल्ला बोल, युवाओं के प्रदर्शन से मुनीर भी घबराए

Published: Fri, 07 Nov 2025 09:36 AM (IST)

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है, जहां Gen Z सड़कों पर उतरकर पाकिस्तान सरकार के ...और पढ़ें

पीओके में सड़कों पर उतरे सैकड़ों छात्र। (फोटो- सोशल मीडिया)

पीओके में सड़कों पर उतरे सैकड़ों छात्र। (फोटो- सोशल मीडिया)

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में एक महीने के भीतर दूसरी पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है। सैकड़ों की संख्या में गुरुवार को युवा सड़कों पर नजर आए। जानकारी के अनुसार, इस बार पीओके में हो रहे इस आंदोलन का नेतृत्व Gen Z कर रहे हैं।

दरअसल, पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ पीओके में इस विरोध की शुरुआत मुजफ्फराबाद के विश्वविद्यालय से हुई, यहां पर छात्रों ने बढ़ती फीस और बेहतर सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

छात्रों ने संपत्ति को पहुंचाया नुकसान

बताया जा रहा है कि शुरू में यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन किसी अज्ञात की ओर से हुई फायरिंग के बाद प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया। इसमें एक छात्र के घायल होने की खबर है। घटना के बाद गुस्साए छात्रों ने टायर जलाए, कई जगहों पर आगजनी की और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।

इस विरोध प्रदर्शन के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। सामने आए कुछ वीडियो में देखा गया है कि छात्र उग्र हैं, और श्हबाज शरीफ सरकार के खिलाफ वह नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। वहीं, इंटरनेट पर वायरल कुछ पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि बांग्लादेश और नेपाल के बाद अब पीओके में Gen Z के आंदोलन ने पाकिस्तान की सरकार और सेना के लिए हालात मुश्किल कर दिए हैं।

विश्वविद्यालय के छात्रों का क्यों फूटा गुस्सा?

गौरतलब है कि 30 अक्तूबर को इंटरमीडिएट प्रथम ईयर के रिजल्ट जारी किए गए। इस दौरान कुछ छात्रों को कम अंक मिले, जिसके बाद उनका गुस्सा विश्वविद्यालय प्रशासन पर फूट पड़ा। आरोप है कि कई छात्रों को उन विषयों में भी पास कर दिया गया है, जिसकी उन्होंने परीक्षा ही नहीं दी है। इसके बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।

पिछले महीने भी हुआ था उग्र प्रदर्शन

उल्लेखनीय है कि गुलाम कश्मीर में पिछले महीने भी एक उग्र प्रदर्शन देखने को मिला था। इस प्रदर्शन में 12 नागरिकों की मौत हुई थी। छात्रों और स्थानीय लोगों ने सरकार से कुल 30 मांगे पूरी करने की मांग की थी। इन मांगो में आटा, बिजली की कीमतों में कमी, टैक्स में राहत इत्यादि शामिल था।

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