'खतरनाक मोड़ ले सकता था युद्ध, लेकिन...', भारत से मुंह की खाने के बाद बौखला उठे PM शहबाज शरीफ
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि वो पहलाम आतंकी हमले से दुखी हैं। वहीं उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के मुजफ्फराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में शहबाज ने कहा पहलगाम की घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी लेकिन दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थिति किसी भी समय बहुत खतरनाक मोड़ ले सकती थी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आतंकियों को पोषित कर उसे भारत के खिलाफ इस्तेमाल करने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि वो पहलाम आतंकी हमले से दुखी हैं। वहीं, उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले को "दुर्भाग्यपूर्ण" करार दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और भारत के बीच युद्ध की स्थिति "बहुत खतरनाक मोड़" ले सकती थी।
भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ढांचों को नष्ट कर दिया था । भारतीय कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की। भारतीय सेना ने कई पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों पर भीषण जवाबी हमला किया। चार दिनों के संघर्ष के बाद 10 मई को दोनों पक्ष शत्रुता समाप्त करने पर सहमति पर पहुंचे।
पहलगाम की घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी: पीएम शहबाज
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के मुजफ्फराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में शहबाज ने कहा, "पहलगाम की घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी। वहीं, दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थिति किसी भी समय बहुत खतरनाक मोड़ ले सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।" यहां उन्होंने संघर्ष के दौरान मारे गए और घायल हुए नागरिकों के उत्तराधिकारियों को मुआवजे के चेक वितरित किए।
हमने हमले की निष्पक्ष जांच की पेशकश की: पाकिस्तान
प्रधानमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान ने हमले की निष्पक्ष जांच की पेशकश की, लेकिन भारत ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान पहलगाम घटना की अंतरराष्ट्रीय जांच के लिए तैयार था, लेकिन इस पर सहमत होने के बजाय भारत ने पाकिस्तान पर हमला कर दिया, जिसका मुंहतोड़ जवाब दिया गया।"
हमने 1971 के युद्ध की हार का बदला लिया: शहबाज शरीफ
शहबाज ने दावा किया कि पाकिस्तान ने 1971 के युद्ध की हार का बदला लिया है। 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध के कारण पाकिस्तान का विभाजन हुआ और बांग्लादेश का निर्माण हुआ, जिसे पहले पूर्वी पाकिस्तान के रूप में जाना जाता था।
प्रधानमंत्री ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तानी सेना ने केवल सैन्य ठिकानों पर ही हमला किया। उन्होंने भारत के साथ संघर्ष के दौरान मारे गए लोगों के परिवारों को 10 मिलियन रुपये और घायलों को 1-2 मिलियन रुपये के चेक सौंपे। उन्होंने कहा कि भारत के साथ संघर्ष में मारे गए पाकिस्तानी सैन्य कर्मियों को उनके पद के आधार पर 10-18 मिलियन रुपये का भुगतान किया जाएगा।
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