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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 03, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

परमाणु नीति पर इमरान के बयान को उनके ही विदेश मंत्रालय ने मानने से किया इंकार, जानें क्‍या है वजह

By Arun Kumar SinghEdited By:
Published: Tue, 03 Sep 2019 08:29 PM (IST)Updated: Wed, 04 Sep 2019 02:30 AM (IST)

पाकिस्तान की परमाणु नीति पर प्रधानमंत्री इमरान खान के बयान को उनके ही विदेश मंत्रालय ने ठेंगा दिखा दिया है।

परमाणु नीति पर इमरान के बयान को उनके ही विदेश मंत्रालय ने मानने से किया इंकार, जानें क्‍या है वजह
परमाणु नीति पर इमरान के बयान को उनके ही विदेश मंत्रालय ने मानने से किया इंकार, जानें क्‍या है वजह

 इस्लामाबाद, प्रेट्र। पाकिस्तान की परमाणु नीति पर प्रधानमंत्री इमरान खान के बयान को उनके ही विदेश मंत्रालय ने ठेंगा दिखा दिया है। इमरान ने कहा था कि हमारी तरफ से कभी पहल नहीं होगी। जबकि पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि पाकिस्तान की परमाणु नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

उल्लेखनीय है कि इमरान की पूर्व पत्नी रेहम खान ने सोमवार को ही कहा था कि विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी इमरान खान की जगह प्रधानमंत्री बनने का इंतजार कर रहे हैं।

इमरान बोले, नहीं होगी हमारी तरफ से पहल   
लाहौर स्थित गवर्नर हाउस में सिख समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री इमरान खान ने सोमवार शाम कहा था कि भारत और पाकिस्तान दोनों ही परमाणु हथियार संपन्न देश हैं और अगर तनाव बढ़ा तो दुनिया को खतरे का सामना करना पड़ेगा। उनका कहना था, 'हमारी तरफ से कभी पहल नहीं होगी।' हालांकि उन्होंने आगे इस बयान की व्याख्या नहीं की। हालांकि, कश्मीर मसले का अंतरराष्ट्रीयकरण करने के अपने अभियान के तहत इमरान खान लगातार भारत के साथ परमाणु युद्ध की धमकी देते रहे हैं।

युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं
इमरान का यह भी कहना है कि संघर्ष से समस्याएं सुलझने के बजाय और बढ़ जाएंगी। उन्होंने कहा, 'मैं भारत को बताना चाहता हूं कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है। युद्ध का विजेता भी हारता है। युद्ध कई अन्य तरह के मुद्दों का जनक होता है।'

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परमाणु नीति में बदलाव नहीं
इमरान के बयान के कुछ ही देर बाद सोमवार देर रात पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मुहम्मद फैसल ने ट्वीट कर साफ किया कि इमरान खान के बयान को संदर्भ से अलग हटकर लिया जा रहा है। उनका यह बयान पाकिस्तान की परमाणु नीति में बदलाव को नहीं दर्शाता। उन्होंने कहा, 'हालांकि दो परमाणु शक्ति संपन्न देशों के बीच संघर्ष नहीं होना चाहिए, लेकिन पाकिस्तान की परमाणु नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।'

मालूम हो कि अगस्त में भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था, 'अभी तक हमारी परमाणु नीति पहले इस्तेमाल नहीं करने की रही है। भविष्य में क्या होगा यह परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।'

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