Pakistan Defence Budget 2024: कब सुधरेगा पाकिस्तान? खाने के पड़ रहे लाले और इस काम पर कर रहा बेहिसाब खर्च
Pakistan Defence Budget 2024 पाकिस्तान ने बुधवार 12 जून को आम बजट पेश किया। पहले से ही खस्तहाल इकोनॉमी से जूझते इस देश ने बजट में विकास के कामों की बजाय बम गोला बारूद खरीदने पर सबसे ज्यादा धनराशि का आवंटन किया है। इस देश में महंगाई आसमान पर है। ऐसे में रक्षा व्यय बढ़ाना पाकिस्तान की बुरी नीयत को दर्शाता है।

Pakistan News: कंगाल पाकिस्तान अपनी खस्ताहाल इकोनॉमी से परेशान है। दुनियाभर में कर्ज के लिए कटोरा लेकर घूमने वाले पाकिस्तान को मिडिल ईस्ट से कर्ज मिला जाता है। वहीं अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से कर्ज लेने के लिए उसे आईएमएफ की कड़ी शर्तों का पालन करने पर मजबूर होना पड़ता है। इस मुल्क में महंगाई आसमान पर है और आम लोगों को खाने के लाले पड़ रहे हैं। ऐसी स्थिति में बुधवार 12 जून को पाकिस्तान का आम बजट पेश हुआ। इस बजट में देश की जरूरतों और विकास कार्यों पर धनराशि खर्च करने की बजाय बम और मिसाइलों पर खर्च कर रहा है। जबकि अप्रैल के महीने में ही पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के सामने झोली फैलाकर छह से आठ अरब डालर का राहत पैकेज मांगा था।
इतना बढ़ा दिया रक्षा बजट
पाकिस्तान में बुधवार को वित्त वर्ष 2024—2025 का बजट पेश किया गया। इस बजट में सबसे ज्यादा वृद्धि रक्षा खर्च में की गई। पाकिस्तान ने अपने रक्षा बजट में करीब 17 फीसदी तक की बढ़ोतरी की है। इस आम बजट में रक्षा व्यय पिछले साल से भी ज्यादा बढ़ा दिया गया है। 2024-25 के बजट में पाकिस्तान ने 2 हजार 122 अरब रुपए आवंटित किए हैं। जबकि पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार खाली है। पाकिस्तानी वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब ने संसद में बजट पेश किया। फरवरी में शहबाज शरीफ सरकार के सत्ता में आने के बाद सरकार का यह पहला बजट है।
पिछले साल से इतने फीसदी ज्यादा राशि डिफेंस सेक्टर को
पाकिस्तान ने बजट में कुल 67.84 बिलियन यानी पाकिस्तानी रुपयों में देखा जाए तो 18.88 लाख करोड़ की राशि पेश की। शहबाज सरकार का यह बजट पिछले साल की तुलना में 30 फीसदी से ज्यादा है। इसमें पाकिस्तान ने 2.1 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये खर्च की घोषणा की। जबकि पिछले वर्ष पाकिस्तान ने रक्षा पर 1.80 ट्रिलियन धनराशि खर्च की थी।
पाकिस्तान पर आईएमएफ की बनी हुई हैं नजरें
पाकिस्तान के इस बजट पर आईएमएफ की नजरें भी थीं। क्योंकि आईएमएफ ने यह मांग रखी थी कि पाकिस्तान में कर राजस्व के लक्ष्य में बढ़ोतरी की जाए, सब्सिडी वापस ली जाए, कृषि क्षेत्र पर टैक्स लगाया जाए, बिजली, गैस और तेल के क्षेत्रों पर लेवी और टैक्स की बढ़ोतरी की जाए।
अकेले चीन से खरीदता है 80 फीसदी से ज्यादा हथियार
पाकिस्तान भारत से मुकाबला करने के लिए रक्षा खर्च में बढ़ोतरी करता है। भारत जहां मेक इन इंडिया कैंपेन के तहत ज्यादातर हथियार देश में ही बनाने पर जोर दे रहा है। वहीं पाकिस्तान हथियारों की खरीदी पर पूरी तरह चीन पर निर्भर है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के अनुसार पाकिस्तान विश्व में हथियार खरीदने वाले देशों में पांचवे नंबर पर है। वह सबसे ज्यादा हथियार चीन से खरीदता है। 2019 से 2023 के बीच पाकिस्तान ने 80 फीसदी से ज्यादा हथियार खरीदी अकेले चीन से की है। लड़ाकू विमान, फ्रिगेट, पनडुब्बी और यूएवी चीन से आते हैं।
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