Pakistan Sansad: 'हम से अच्छा तो हमारा दुश्मन देश ही है...', पाकिस्तान की संसद में क्यों छिड़ी भारत के चुनाव पर बहस
Pakistan Parliament debate भारत में जहां विपक्ष ईवीएम पर सवाल उठाता रहता है वहीं दुश्मन देश पाकिस्तान हमारी चुनाव प्रक्रिया की तारीफ कर रहा है। इमरान खान के सांसद खुद अपनी संसद में खड़े होकर भारत की तारीफ करते दिखे। इसी के साथ उन्होंने कई ऐसी बातें कही जो पाकिस्तान की पोल खोलती दिखी। उन्होंने अपने ही चुनाव प्रक्रिया पर ही सवाल उठाए हैं।

जागरण डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान को वैसे तो हमेशा भारत को बुरा भला कहने की आदत है, लेकिन कई दफा उसी के सांसद (Pakistan Parliament debate) हमारी तारीफ करते नहीं थकते। यहीं आलम बीते दिनों भी दिखा, जहां पाकिस्तान के एक सांसद भारत की खूब तारीफ करते दिखे।
पाकिस्तान में भारतीय चुनाव की तारीफ
एक ओर जहां भारत में विपक्षी दल ईवीएम पर सवाल उठाते रहते हैं, वहीं दूसरी ओर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में इसी की तारीफ हो रही है। पाकिस्तानी सांसद भारतीय चुनाव प्रक्रिया की भी खूब सराहना कर रहे है। पाकिस्तान के विपक्ष के नेता शिबली फराज पाकिस्तान की चुनाव प्रणाली की पोल खोलते हुए भारत के चुनाव की तारीफ करते दिखे।
क्या बोले पाक सांसद?
दरअसल, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पीटीआई के सांसद फराज भरी असेंबली में अपने ही देश की धज्जियां उजाते दिखे। शिबली फराज ने कहा कि भारत में इतना बड़ा चुनाव हुआ और धांधली की कोई शिकायत नहीं आई। सांसद ने कहा कि भारत में एक महीने तक चुनाव चले और ईवीएम से कराए गए। यहां तक की एक आदमी तक के लिए वहां मदतान केंद्र बना दिया जाता है, लेकिन पाक के हालात खराब है।
In the Pakistani Parliament, opposition leader Shibli Faraz praised the Indian electoral process, highlighting how the world's largest democracy conducted its lengthy elections with EVMs, announced results, and transferred power smoothly without any allegations of fraud. Why… pic.twitter.com/eNnzidup3x
— Ghulam Abbas Shah (@ghulamabbasshah) June 13, 2024
भारत की तरह हो निष्पक्ष चुनाव
पीटीआई सांसद ने आगे पाकिस्तान की चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा,
मैं दुश्मन देश का उदाहरण नहीं देना चाहता, लेकिन हाल ही में वहां इतना बड़ा चुनाव हुआ और लाखों पोलिंग स्टेशन पर 80 करोड़ लोगों ने वोट किया। क्या एक भी आवाज उठी कि चुनाव में धांधली हुई, ऐसा कुछ ही हमें करने की जरूरत है। हम भी यही चाहते हैं कि हमारा देश भी इसी तरह चुनाव कराए। क्या हम अपने चुनावों को निष्पक्ष रूप से नहीं करवा सकते?
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