पाकिस्तान की सरकारी एयरलाइन बिकने को तैयार, लेकिन नहीं मिल पा रहा खरीदार; कई साल से अटका मामला
बर्बादी की कगार पर पहुंच चुके पाकिस्तान में सिर्फ लोगों के हाल बुरे नहीं है। बल्कि पाकिस्तान की सरकारी कंपनियों की स्थिति बदतर हो गई है। खस्ताहाल हो चुकी पाकिस्तान की सरकारी एयरलाइन पीआईए बिकने को कई साल से तैयार है लेकिन सरकार को उसका खरीदार ही नहीं मिल पा रहा है। एकमात्र बोली लगाई गई जो केवल 10 अरब रुपये थी। अब फिर से बिडिंग शुरू की जाएगी।

पीटीआई, इस्लामाबाद। पाकिस्तानी अधिकारियों ने सरकारी एयरलाइन को बेचने के लिए नए सिरे से प्रयास शुरू कर दिया है। नकदी की कमी से जूझ रही पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) के निजीकरण की योजना कई वर्षों से चल रही है।
2024 में इसे लेकर गंभीर प्रयास किए गए थे, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई थी। सरकार किसी भी बड़े खरीदार को आकर्षित करने में विफल रही थी। एकमात्र बोलीदाता ने मात्र 10 अरब रुपये की पेशकश की थी, जिसे अस्वीकार कर दिया गया।
मई तक निजीकरण होने की उम्मीद
निजीकरण और निवेश मंत्री अब्दुल अलीम खान ने पिछले महीने कहा था कि पीआईए के निजीकरण के लिए सभी कदम मई तक पूरे कर लिए जाएंगे। निजीकरण आयोग की एक बैठक बुधवार को हुई। इसकी अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष और निजीकरण पर प्रधानमंत्री के सलाहकार मुहम्मद अली ने की।
उन्होंने अगले सप्ताह से बिक्री प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। आयोग ने पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीआईएसीएल) के 51 प्रतिशत से 100 प्रतिशत शेयरों के निजीकरण के लिए संभावित बोलीदाताओं के चयन के लिए पूर्व-योग्यता मानदंडों को भी मंजूरी दी है।
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