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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Amjad Shoaib: संस्थानों के खिलाफ लोगों को भड़काने के आरोप में पूर्व पाक जनरल गिरफ्तार

By AgencyEdited By: Achyut Kumar
Published: Mon, 27 Feb 2023 12:12 PM (IST)

पाकिस्तान के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल अमजद शोएब को पुलिस ने लोगों और सरकारी कर्मचारियों को संस्थानों के खिलाफ उकसाने के ...और पढ़ें

पूर्व पाक जनरल अमजद शोएब को इस्लामाबाद पुलिस ने किया गिरफ्तार
पूर्व पाक जनरल अमजद शोएब को इस्लामाबाद पुलिस ने किया गिरफ्तार

इस्लामाबाद, आईएएनएस। लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) अमजद शोएब को इस्लामाबाद पुलिस ने राष्ट्रीय संस्थानों के खिलाफ जनता को भड़काने के आरोप में सोमवार को हिरासत में लिया। जियो न्यूज ने बताया कि रमना थाने के पुलिसकर्मियों ने पूर्व सैन्य अधिकारी को संघीय राजधानी में उनके आवास से गिरफ्तार किया।

शोएब के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) शोएब के खिलाफ 25 फरवरी को इस्लामाबाद के रमना पुलिस स्टेशन में पाकिस्तान दंड संहिता (पीपीसी) की धारा 153ए (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना, आदि) और 505 (सार्वजनिक शरारत करने वाले बयान) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

मजिस्ट्रेट ने दर्ज कराई शिकायत

जियो न्यूज ने बताया कि इस्लामाबाद मजिस्ट्रेट ओवैस खान की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, पूर्व सैन्य अधिकारी ने लोगों को संस्थानों के खिलाफ विद्रोह करने के लिए उकसाया और एक टीवी शो में दिए गए अपने विवादास्पद बयानों के माध्यम से देश में वैमनस्य और अराजकता को भड़काने और देश में कानून व्यवस्था की स्थिति पैदा करने का प्रयास किया।

सरकारी कर्मचारियों को उकसाने का आरोप

प्राथमिकी में कहा गया है कि लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) अमजद शोएब ने अपनी टिप्पणी और विश्लेषण के माध्यम से सरकारी कर्मचारियों को उनके आधिकारिक कर्तव्यों को पूरा करने के लिए उकसाया है। लोगों, सरकारी कर्मचारियों और एक विपक्षी दल को उनकी विवादास्पद सलाह का उद्देश्य लोगों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना है। प्राथमिकी में यह भी कहा गया है कि पूर्व सैन्य अधिकारी का बयान देश को कमजोर करने के लिए एक 'सुनियोजित साजिश' का हिस्सा है।

लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) शोएब को पहले संघीय जांच एजेंसी (FIA) द्वारा 7 सितंबर, 2022 को पेश होने के लिए बुलाया गया था, जब उन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और एक इजरायली टीम के बीच एक बैठक के बारे में दावा किया था। हालांकि, वह FIA की साइबर क्राइम विंग के सामने पेश होने में विफल रहे।