यमन में सरकारी सेना ने हद्रामाउत प्रांत पर फिर से कब्जा किया
सऊदी अरब समर्थित यमन सरकार ने हद्रामाउत प्रांत के अधिकांश हिस्से पर नियंत्रण कर लिया है, जिसमें राजधानी मुकल्ला भी शामिल है। यूएई समर्थित एसटीसी ने दि ...और पढ़ें

यमन में सरकारी सेना का हद्रामाउत प्रांत पर कब्जा। (रॉयटर्स)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सऊदी अरब समर्थित और अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त यमन सरकार ने एसटीसी के कब्जे वाले हद्रामाउत प्रांत के ज्यादातर हिस्से पर नियंत्रण कर लिया है। प्रांत की राजधानी बंदरगाह शहर मुकल्ला को सरकारी सेना ने शनिवार को यूएई समर्थित एसटीसी (सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल) से छीन लिया था।
मुकल्ला पर दिसंबर में एसटीसी ने कब्जा किया था। मुकल्ला और हद्रामाउत प्रांत के अन्य शहरों के जो वीडियो सामने आए हैं उनमें सरकारी बल-नेशनल शील्ड फोर्स का नागरिक सड़कों पर आकर स्वागत कर रहे हैं। नागरिकों के चेहरों पर खुशी के भाव हैं।
हद्रामाउत प्रांत के अल-कतन और सीयून शहर के निवासियों-अहमद समान और बकर अल-केथेरी ने बताया है कि एसटीसी के लड़ाके अपने शिविर छोड़कर जा रहे हैं, इसलिए सरकारी सेना के आगे बढ़ने के दौरान छिटपुट टकराव हो रहा है, ज्यादा खूनखराबा नहीं हो रहा है।
सरकारी सेना सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों की बमबारी के बाद आगे बढ़ रही है। यमन में तनाव दिसंबर महीने में तब बढ़ना शुरू हुआ था जब तेल संपन्न क्षेत्रों हद्रामाउत और अल-माहरा के बड़े इलाके पर एसटीसी ने कब्जा कर लिया था।
इसके बाद एसटीसी ने स्वतंत्र राष्ट्र के लिए जनमत संग्रह कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया और सऊदी अरब व यूएई के हित भी टकराए। इसका असर दोनों देशों की दशकों पुरानी दोस्ती पर भी पड़ा है।
हद्रामाउत के गर्वनर सालेम अल-खानबाशी और अल-माहरा के गवर्नर मुहम्मद अली यासेर ने सरकारी सेनाओं को मिली सफलताओं की पुष्टि की है। जबकि एसटीसी ने कहा है कि सऊदी लड़ाकू विमान क्षेत्र में बर्बादी फैला रहे हैं और आमजनों को मार रहे हैं। इससे देश में अराजकता फैलने का खतरा है।
(समाचार एजेंसी एपी के इनपुट के साथ)

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