नई दिल्‍ली (आनलाइन डेस्‍क)। इटली को Giorgia Meloni के रूप में पहली महिला पीएम मिलने का रास्‍ता अब साफ हो चुका है। उन्‍हें पूरी दुनिया से हाल के चुनाव में मिली धमाकेदार जीत के लिए बधाई भी दी जा रही हैं।चुनाव के बाद समाने आए एग्जिट पोल के नतीतों ने उनके नाम का ऐलान कर ही दिया है। आने वाले कुछ दिनों में ब्रदर्स आफ इटली पार्टी के नेतृत्व में गठबंधन सरकार भी बन जाएगी। इस सभी के बीच दुनिया के करोड़ों लोग ये जानने को उत्‍सुक हैं कि आखिर जियोर्जिया मेलोनी कौन हैं। 

1977 में रोम में जन्‍मीं 45 वर्षीय जियोर्जिया मेलोनी (Gerogia Meloni) राजनीति में आने से पहले एक पत्रकार रह चुकी हैं। मौजूदा समय में वो पालिटिकल पार्टी ब्रदर्स आफ इटली (Brothers of Italy) की अध्‍यक्ष हैं। उनकी एक बेटी और पति हैं। वो खुद जहां पत्रकारिता छोड़कर राजनीति में कदम रख चुकी हैं वहीं उनके पति अब भी पत्रकार ही हैं।

उन्‍होंने अपने नेतृत्‍व में ब्रदर्स आफ इटली पार्टी को काफी लोकप्रिय बनाया है। इस तरह से उन्‍होंने अपने समर्थकों की संख्‍या में इजाफा करने का काम किया है। इस चुनाव में उनके ईश्वर, देश और परिवार का दिया उनका नारा लोगों पर काफी असरदार साबित हुआ है। मेलोनी ने अपनी जीत के साथ ही एक इतिहास बनाने की तरफ भी कदम आगे बढ़ाया है। दरअसल, उनके पीएम बनने के बाद दूसरे विश्वयुद्ध के बाद पहली बार घोर दक्षिणपंथियों की सरकार बनेगी। 

माना जा रहा है कि इटली जियोर्जिया मेलोनी के नेतृत्‍व में यूरोपीय संघ से अलग हो जाएगा। अपने राजनीतिक सफर के दौरान उन्‍होंने शरणार्थियों की समस्‍याओं को काफी प्रमुखता से उठाया है। उनका मानना है कि यूरोपीय संघ की कमी की वजह से लगातार ये समस्‍या बड़ी ही होती जा रही है। वो शरणार्थियों के चलते देश पर पड़ते वाले आर्थिक बोझ को लेकर भी काफी मुखर रही हैं। खासतौर पर पुरुष शरणार्थियों के तो वो काफी खिलाफ दिखाई देती हैं। 

अपनी जीत से उत्‍साहित मेलोनी ने देश में अर्बोशन के मुद्दे पर कहा कि वो इसको बदलेंगी तो नहीं लेकिन महिलाओं को इसके लिए चुनाव का अवसर जरूर देंगी। उन्‍होंने कहा कि वो निजी तौर पर अर्बोशन के खिलाफ हैं। वो चाहती हैं कि भविष्‍य में किसी को भी ऐसा कदम न उठाना पड़े।   

Edited By: Kamal Verma

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