नई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। कितना अच्‍छा हो यदि आपको बैंक पर जम धन पर अधिक ब्‍याज मिलने लगे। इसके अलावा ज्‍यादा ब्‍याज पाने के लिए आपको बैंक में अतिरिक्‍त राशि जमा करने की बजाय महज कुछ हजार कदम पैदल चलना पड़े। आपको भी पहली बार सुनकर यह बात कुछ अजीब जरूर लगेगी। लेकिन यह अजीब बात वर्तमान में हकीकत है जो यूक्रेन में सामने आई है। दरअसल, यहां पर एक बैंक ने लोगों को पैदल चलने की हैबिट डालने के लिए यह अनोखी योजना शुरू की है। ऐसी अनोखी योजना शुरू करने वाला यूक्रेन का मोनो बैंक है, जिसकी शुरुआत महज 2015 में हुई थी। इस अनोखी योजना से अपने जमा धन पर अधिक ब्‍याज लेने की खातिर आज इस बैंक में खातेधारों की संख्‍या पांच लाख को पार कर गई है। 

यूक्रेन में बढ़ रही मोटापे और दिल की बीमारी 
आम तौर पर बैंक में आपकी सेविंग पर 8 से 9 प्रतिशत की ब्याज दर मिलता है। लेकिन मोनो बैंक अपने कस्टमर्स को उनकी सेविंग पर 21 प्रतिशत की दर से ब्याज दे रहा है। इसके लिए बैंक ने अपने ग्राहकों को हर रोज दस हजार कदम चलने का टार्गेट दिया है। मजेदार बात ये है कि अधिक ब्‍याज पाने की खातिर लोग अधिक से अधिक पैदल भी चल रहे है। इसका नतीजा है कि बैंक 50 फीसद ग्राहकों को उनकी जमा रकम पर 21 फीसद ब्‍याज भी अदा कर रहा है। इस तरह की अनोखी पहल करने के पीछे बैंक की सोच भी बेहद खास रही है। दरअसल दिल की बीमारी से मरने वालों की दर में यूक्रेन दुनिया में दूसरे नंबर पर आता है। यहां हर एक लाख लोगों में करीब 400 की मौत दिल की बीमारी से होती है। इसके अलावा यहां पर ब्रिटेन की तरह मोटे लोगों की संख्‍या में लगातार इजाफा हो रहा है, जो दिल की बीमारी की बड़ी वजह बन रहा है। एक सर्वे के मुताबिक 2030 तक यहां के 50% पुरुष मोटापे के शिकार होंगे। इसको देखते हुए बैंक ने इस तरह की योजना पर काम करना शुरू किया था। 

इन्‍होंने दिया आइडिया
इसका आइडिया बैंक के तीन आला अधिकारियों डिमा डुबिलेट, मिशा रोगाल्सकी और ओलेग गोरोखोवस्की की तरफ से आया था। पहले पहल यह आइडिया उन्‍हें बैंक के विकास को लेकर सूझा था। उन्‍हें लगता था कि जिस तरह से देश में मोटे लोगों की संख्‍या बढ़ रही है उसको देखते हुए उनका यह चैलेंज कम ही लोग पूरा कर पाएंगे।  इस सोच की एक वजह ये भी थी कि यूक्रेन में ठंड काफी पड़ती है, ऐसे में अधिक पैदल चलपाना लोगों के लिए काफी मशक्‍कत भरा काम है। लेकिन इस स्‍कीम के शुरू होने के कुछ समय बाद ही लोगों को यह आइडिया इस कदर भाया कि आज अपने आधे ग्राहकों को बैंक 21 फीसद की दर से ब्‍याज दे रहा है। वहीं पैदल चलने की आदत कहीं न कहीं मोटापे पर भी वार कर रही है। बैंक ने अपनी शर्त में यह भी कहा कि यदि कोई इसमें धोखाधड़ी करता पाया तो उसकी ब्‍याज दर में कटौती भी कर दी जाएगी। 

स्पोर्ट्स डिपॉजिट अकाउंट
मोनो बैंक ने इस स्‍कीम के तहत खोले गए खातों को स्पोर्ट्स डिपॉजिट अकाउंट का नाम दिया। अधिक ब्‍याज पाने के लिए ग्राहकोंं को अपने मोबाइल फोन में एक ऐप डाउनलोड करना होगा। इस ऐप के जरिए यूजर्स को रोजाना अपने फिजिकल एक्टीविटी की जानकारी बैंक को भेजनी होगी। इसी ऐप के जरिए बैंक यूजर्स के शारीरिक गतिविधियों की निगरानी रखता है। इसका पूरा डाटा बैंक के पास होता है। जो यूजर्स बैंक के मापदंड पर खड़ा उतरता है उसे बैंक बचत खाते में 21 प्रतिशत ब्याज के रूप में राशि प्रदान करता है। अगर कोई लगातार तीन दिन तक 10,000 कदम से कम पैदल चलता है तो उसे मात्र 11 प्रतिशत ब्याज मिलता है। अगर कोई ग्राहक बैंक के साथ धोखा करता है तो बैंक उस ग्राहक के ब्याज दर में कटौती कर देता है।

लोगों की हेराफेरी
बैंक की सीईओ डुबिलेट का इस बाबत कहना है कि हम सब जानते हैं कि व्यायाम करना सेहत के लिए अच्छा होता है। लेकिन अक्सर काम इसके आड़े आ जाता है। ज्यादा ब्याज जैसे प्रोग्राम लोगों को दोहरा फायदा दे सकते हैं। शुरू में इस प्रोग्राम को लेकर काफी संदेह जताए गए थे। कुछ लोग तो इतने कम समय में 10,000 कदम चले कि वैसा करना किसी के लिए संभव ही नहीं था। बैंक अधिकारियों ने छानबीन की तो पता चला कि लोग पैदल चलने के बजाए ऐप को स्टार्ट कर फोन वाहन में रख देते थे। ऐसे लोगों को बैंक ने तत्काल सजा दी और उनके जमा खाते पर ब्याज की दर कम कर दी। यह यूक्रेन का पहला मोबाइल बैंक भी है। इसके अलावा यह देश का ऐसा सबसे बड़ा बैंक है जिसने अपने ग्राहकों को अब तक 30 मिलियन कार्ड मुहैया करवाए हैं।

हेल्‍थ इंश्‍योरेंस से जुड़ी कंपनियों की कुछ ऐसी ही स्‍कीम  
फिलहाल मोनो बैंक दुनिया में इस तरह की पहल करने वाला एकमात्र बैंक है। लेकिन इस तरह की स्‍कीम बैंकों में तो नहीं लेकिन हां कुछ हेल्‍थ इंश्‍योरेंस से जुड़ी कंपनियां भारत में दे रही हैं। इसमें यदि आप हर रोज दस हजार कदम चलते हैं तो कंपनी आपके अगले प्रीमियम में से कुछ रकम की कटौती कर आपको राहत दे सकती है। हालांकि फिलहाल कंपनी अधिक आठ फीसद की ही इसमें रिबेट दे रही हैं। लेकिन जिस तर्ज पर मोनो बैंक ने अपने यहां पर अधिक ब्‍याज देने को लेकर पहल की है वह शायद भविष्‍य में दूसरे देशों में भी देखने को मिल जाए।   

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Posted By: Kamal Verma