बगदाद, एजेंसियां। USA Airstrike at Baghdad इराक की राजधानी बगदाद में स्थिति अमेरिकी दूतावास पर हुए हमले के बाद अमेरिका ने बहुत सख्‍त कार्रवाई की है। अमेरिका ने शुक्रवार को बगदाद एयरपोर्ट पर एक एयर स्‍ट्राइक की जिसमें ईरान समर्थित कुद्स बल के प्रमुख मेजर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत हो गई। रिपोर्टों में कहा गया है कि सुलेमानी का काफिला बगदाद एयरपोर्ट की ओर बढ़ रहा था तभी एक रॉकेट हमले की जद में आ गया। हमले में ईरान समर्थित मिलिशिया पॉपुलर मोबलाइजेशन फोर्स (Popular Mobilization Forces or PMF) के डिप्टी कमांडर अबू महदी अल-मुहांदिस  (Abu Mahdi al-Muhandis) की भी मौत हो गई।  

ईरान बोला- सुलेमानी की हत्‍या का लेंगे बदला 

समाचार एजेंसी रॉयटर ने ईरानी न्‍यूज एजेंसी इरना IRNA के हवाले से बताया है कि ईरान सुलेमानी (Iranian Major General Qassem Soleimani) की हत्‍या का बदला लेगा। ईरानी रक्षा मंत्री आमिर हतामी (Iranian Defence Minister Amir Hatami) ने कहा कि ईरान मेजर जनरल कासिम सुलेमानी की हत्‍या का मुकम्‍मल बदला लेगा। उन्‍होंने कहा, इस हत्‍या के लिए जो भी जिम्‍मेदार हैं हम उनसे बदला लेंगे। इससे पहले इरानी गार्ड के पूर्व प्रमुख ने सुलेमानी की मौत का बदला लेने की कसम खाई है। ईरानी राष्‍ट्रपति हसन रूहानी Hasan Rouhani ने कहा है कि ईरान और इस क्षेत्र के दूसरे मुल्‍क क्रिमिनल अमेरिका से जरूर बदला लेंगे। ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्लाह खामनेई ने कहा है कि अपराधियों से इसका बदला जरूर लिया जाएगा। उन्‍होंने कहा, 'सुलेमानी की शहादत के बाद उनके काम और उनके दिखाए रास्ते बंद नहीं होंगे। जिन गुनहगारों ने अपने गंदे हाथ उनके खून से रंगे हैं उन्हें हर हाल में सबक सियाया जाएगा। 

अमेरिका ने अपने नागरिकों से इराक छोड़ने को कहा 

तनाव के बीच इराक के हशेड अल-शाबी सैन्य बल के एक कमांडर ने अपने लड़ाकों को अलर्ट रहने के लिए कहा है। उधर वहीं तेहरान में फ्रांसीसी दूतावास ने ईरान में अपने नागरिकों से एहतियात के तौर पर सार्वजनिक समारोहों से दूर रहने के निर्देश जारी किए हैं। दूसरी ओर अमेरिकी दूतावास ने अमेरिकी नागरिकों से तुरंत इराक छोड़ने के लिए कहा है। जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि अमेरिकी नागरिकों को विमानों एवं अन्‍य साधनों के जरिए इराक तुरंत छोड़ देना चाहिए।  

सुलेमानी की तलाश में था अमेरिका 

अधिकारियों ने बताया कि हमले में कुल आठ लोगों की मौत हुई है। सुलेमानी पश्चिम एशिया में ईरानी गतिविधियों को चलाने के प्रमुख रणनीतिकार थे। सुलेमानी पर इजरायल में भी रॉकेट हमलों को अंजाम देने का आरोप था।समाचार एजेंसी एपी ने एक इराकी राजनेता एवं उच्‍च पदस्‍थ अधिकारी के हवाले से हमले में सुलेमानी और अल-मुहांदिस के मारे जाने की पुष्टि की। यही नहीं इनके अलावा ईरान के दो वफादार मिलिसिया नेताओं के भी मारे जाने की पुष्टि हुई है। मारे गए अधिकारियों में अमेरिकी दूतावास पर हमले में शामिल रहे कैतब हिजबुल्लाह का एक अधिकारी भी शामिल है। रिपोर्टों में कहा गया है कि अमेरिका को सुलेमानी की शिद्दत से तलाश थी। 

अंगूठी से हुई शव की पहचान 

रिपोर्टों के मुताबिक, सुलेमानी का विमान बगदाद एयरपोर्ट पर पहुंचा था। विमान से उतरने के बाद सुलेमानी अभी मुहांदिस से मिल ही रहे थे कि अमेरिकी मिसाइल आकर गिरी जिससे सभी लोग मौके पर ही मारे गए। सुलेमानी के शव की पहचान उनकी अंगूठी से हुई। वहीं इराकी सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बगदाद में अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर अमेरिका की ओर से तीन रॉकेट दागे गए जिनसे दो कारों में विस्फोट हुआ। ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड ने सरकारी टेलीविजन पर एक बयान में कासिम सुलेमानी की मौत की पुष्टि की है। 

इंटरनेशनल मार्केट में हाहाकार, तेल की कीमतों में भारी इजाफा 

अमेरिकी एयर स्‍ट्राइक कुद्स बल के प्रमुख जनरल कासिम सुलेमानी की मौत और ईरान समर्थित बल द्वारा इस हत्‍या का बदला लेने की बात सामने आने के बाद एशियाइ तेल बाजार में तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। समाचार एजेंसी स्‍पुतनिक के मुताबिक, क्रूड ऑयल की कीमतों में 1.31 फीसद यानी 67.12 डॉलर प्रति बैरेल की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अमेरिकी क्रूड की कीमतों में 1.24 फीसद यानी 61.94 डॉलर प्रति बैरल का इजाफा हुआ है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में भी इस हमले का प्रतिकूल असर देखने को मिल सकता है।

मध्‍य पूर्व में बिगड़ सकते हैं हालात 

समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट में कहा गया है कि इन बड़े सैन्‍य अधिकारियों की मौत से मध्‍य पूर्व की परिस्‍थितियों के लिए एक बड़ा टर्निंग प्‍वाइंट है। माना जा रहा है कि ईरान इस हमले का करारा जवाब देगा जिससे हालात बिगड़ सकते हैं। यही नहीं जवाबी हमलों से अमेरिकी और इजराइली हितों को नुकसान भी हो सकता है। पिछले साल ईरान और अमेरिका के बीच तनाव उपजा था जो समय के साथ और बढ़ता जा रहा है। मौजूदा वक्‍त में अमेरिका ने ईरान पर कई तरह की पाबंदियां लगा रखी हैं। इन्‍हें हटाने को लेकर ईरान की ओर से भी समय समय पर तल्‍ख बयान सामने आते रहे हैं। 

ट्रंप ने ट्वीट किया अमेरिकी ध्‍वज, बदला लेगा ईरान  

पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज यानी पीएमएफ ने भी हमले के पीछे अमेरिका का हाथ बताया है। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने अपने ट्विटर हैंडलर से अमेरिकी ध्‍वज को ट्वीट किया है। बिना टेक्स्ट के किए गए इस ट्वीट को माना जा रहा है कि इसके जरिए ट्रंप ने एक सख्‍त संदेश देने की कोशिश की है। इस बीच अमेरिका के विदेश मंत्री माइकल पोंपियो ने एक वीडियो शेयर किया है। उन्‍होंने दावा किया है कि ईरान समर्थित कुद्स बल के प्रमुख मेजर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत पर इराक की गलियों में लोग जश्न मना रहे हैं। लोग इराक की सड़कों पर नाच रहे हैं। 22 सेकंड के वीडियो में लोग कई मीटर लंबे इराक के राष्ट्रीय ध्वज को लेकर सड़क पर दौड़ रहे हैं। पोंपियो ने ट्वीट कर कहा, 'आजादी के लिए सड़क पर नाचते हुए इराकी, जनरल सुलेमानी अब नहीं बचा।'  

अमेरिका बोला- हमले की योजना बना रहा था सुलेमानी 

अमेरिका के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कहने पर यह कार्रवाई की गई है। राष्‍ट्रपति ट्रंप ने विदेश में अमेरिकी कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स कमांडर कासिम सुलेमानी को मारने का आदेश दिया था। व्‍हाइट हाउस ने कहा कि जनरल सुलेमानी सक्रिय रूप से इराक में अमेरिकी राजनयिकों और सैन्य कर्मियों पर हमले की योजना बना रहा था। जनरल सुलेमानी और उसकी कुद्स फोर्स सैकड़ों अमेरिकियों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं। 

ईरान ने एक्‍शन को अंतरराष्‍ट्रीय आतंकवाद बताया 

ईरान ने अमेरिका के इस हमले पर बेहद तल्‍ख प्रतिक्रिया दी है। अमेरिकी विदेश मंत्री जावेद जरीफ ने कहा कि अमेरिका की यह कार्रवाई अंतरराष्‍ट्रीय आतंकवाद है। जनरल सुलेमानी उस कुद्स सैन्‍य बल के प्रमुख थे जो आइएस, अल नुसरा, अल कायदा के खिलाफ प्रभावी लड़ाई लड़ रहा था। इस हमले के लिए अमेरिका जिम्‍मेदार है। अमेरिका की यह मूर्खतापूर्ण और घातक कार्रवाई है। मालूम हो कि अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप ने बगदाद स्थित अमेरिका दूतावास पर इराकी प्रदर्शनकारियों के हमले के पीछे ईरान को दोषी ठहराया था। उन्‍होंने चेतावनी दी थी कि अमेरिका इसके दोषियों पर कार्रवाई करेगा।

अमेरिकी दूतावास पर हुआ था हमला 

बीते दिनों ईरानी मिलिशियन के समर्थकों ने बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर हमला बोल दिया था। प्रदर्शनकारी परिसर में घुस गए थे और दूतावास के गेट और खिड़कियों को तोड़ दिया था। प्रदर्शनकारियों ने दूतावास के गेट पर आग लगा दी थी। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षा बलों को आंसू गैसे के गोले छोड़ने पड़े थे। इसके बाद अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने कहा था कि 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के करीब 750 सैनिकों को पश्चिम एशिया में तैनात किया जाएगा। बताया जाता है कि प्रदर्शनकारी पूर्व में हुए अमेरिकी एयर स्‍ट्राइक से नाराज थे जिसमें 25 कुर्द लड़कों की मौत हो गई थी।

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Posted By: Krishna Bihari Singh

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