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    थाईलैंड की पीएम पैतोंगटार्न शिनावात्रा पद से बर्खास्त, प्रधानमंत्री की रेस में अब किस-किस का नाम?

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 05:07 PM (IST)

    थाईलैंड में प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा को बर्खास्त कर दिया गया है जिससे राजनीतिक संकट गहरा गया है। उप-प्रधानमंत्री फुमथम वेचायाचाई कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने हैं। नए प्रधानमंत्री के चयन तक वे सरकार की देखरेख करेंगे। प्रधानमंत्री पद के लिए कई उम्मीदवार मैदान में हैं लेकिन फैसला राजनीतिक दलों के बीच सौदेबाजी पर निर्भर करेगा। राजनीतिक अनिश्चितता और अर्थव्यवस्था की चिंताएं बनी हुई हैं।

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    थाईलैंड की पीएम पैतोंगटार्न शिनावात्रा पद से बर्खास्त

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। थाईलैंड में प्रधानमंत्री की बर्खास्तगी के बाद सियासी संकट नजर आने लगा है। सत्ता में आने के एक साल बाद दी प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा को नैतिकता के उल्लंघन के आरोप में अदालत ने बर्खास्त कर दिया, जिसके बाद देश की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था और भी अनिश्चितता के दौर में फंस गई है।

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    अब ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर थाईलैंड में आगे क्या होगा? फिलहाल पैतोंगटार्न शिनावात्रा की बर्खास्तगी के बाद उप-प्रधानमंत्री फुमथम वेचायाचाई को कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनाया गया है। वे तब तक सरकार की देखरेख करेंगे जब तक कि संसद नए प्रधानमंत्री का चयन नहीं कर लेती।

    खरीद-फरोख्त की बड़ी संभावना

    कोर्ट के इस फैसले से राजनीतिक दलों और अन्य सत्ता-दलालों के बीच सौदेबाजी और खरीद-फरोख्त का रास्ता खुल गया है, जिसका मुख्य किरदार निश्चित रूप से पैतोंगटार्न के प्रभावशाली पिता और पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन शिनावात्रा होंगे, जो उनकी फ्यू थाई पार्टी के अरबपति संस्थापक हैं।

    दांव बहुत ऊंचा है, क्योंकि सत्तारूढ़ गठबंधन के पास केवल सात सीटों का मामूली बहुमत है, जिसका अर्थ है कि गठबंधन से अलग हटकर कोई भी निष्ठा फ्यू थाई और शिनावात्रा राजनीतिक वंश के लिए महंगी पड़ सकती है।

    प्रधानमंत्री पद की रेस में कौन-कौन?

    2023 के चुनाव पहले घोषित उम्मीदवारों में से अब पांच उम्मीदवार शेष हैं, जो पीएम पद के लिए दावेदारी ठोंक सकते हैं। फ्यू थाई में शुरुआत में तीन उम्मीदवार थे, लेकिन अब केवल एक ही उम्मीदवार बचा है, 77 साल के चाइकासेम नीतिसिरी, जो पूर्व न्याय मंत्री और अटॉर्नी जनरल हैं और अब तक कम ही चर्चा में रहे हैं, लेकिन उन्होंने कहा है कि वे आगे आने के लिए तैयार हैं।

    एक और संभावना 58 साल के अनुतिन चार्नविराकुल की है, जो एक पूर्व गृह मंत्री और उप-प्रधानमंत्री हैं, जिनकी भुमजैथाई पार्टी ने जून में पैतोंगटार्न के गठबंधन से नाता तोड़ लिया था।

    मौजूदा ऊर्जा मंत्री पिरापन सलीरथविभागा, पूर्व उप-प्रधानमंत्री जुरिन लक्सनाविसित और पूर्व प्रधानमंत्री प्रयुथ चान-ओचा, जो एक जनरल थे और जिन्होंने 2014 में पिछली फ्यू थाई सरकार के खिलाफ तख्तापलट का नेतृत्व किया था, वे भी उम्मीदवार हैं। 71 साल के प्रयुथ राजनीति से रिटायर हो चुके हैं और वर्तमान में शाही सलाहकार हैं।

    प्रधानमंत्री बनने के लिए क्या जरूरी आंकड़ा?

    प्रधानमंत्री बनने के लिए निचले सदन के मौजूदा 492 सदस्यों में से आधे से ज्यादा यानी 247 वोटों का समर्थन जरूरी है। सदन में मतदान से पहले किसी उम्मीदवार को 50 सांसदों का समर्थन चाहिए होता है। अगर उम्मीदवार चुनाव में हार जाता है, तो सदन की बैठक फिर से बुलानी होगी और प्रधानमंत्री चुने जाने तक, किसी भी दूसरे नामांकित उम्मीदवार के लिए यह प्रक्रिया दोहराई जाएगी। इस प्रक्रिया की कोई समय-सीमा नहीं है।

    क्या है सियासी समीकरण?

    चायकासेम के माध्यम से फ्यू थाई के प्रधानमंत्री पद पर बने रहने की संभावनाएं काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेंगी कि क्या थाकसिन, पेटोंगटार्न की बर्खास्तगी के बावजूद, थाईलैंड के रूढ़िवादी प्रतिष्ठान के साथ अभी भी समझौता कर पाते हैं, जिसका दूरगामी राजनीतिक प्रभाव है और जो आसानी से उनकी योजनाओं को विफल कर सकता है।

    समय से पहले हुए चुनाव तो खुल जाएंगे पीपल्स पार्टी के लिए रास्ते

    हालांकि पुराने नेताओं का थाकसिन के साथ एक मुश्किल इतिहास रहा है, कुछ विश्लेषकों का कहना है कि वे उन्हें दो बुराइयों में से कमतर मानते हैं। थाकसिन की शक्ति के कमजोर होने से समय से पहले चुनाव हो सकते हैं और पीपुल्स पार्टी के लिए दरवाजा खुल सकता है, जो एक प्रगतिशील और बेहद लोकप्रिय विपक्ष है जिसका संस्थागत सुधार एजेंडा रूढ़िवादियों और राजशाही सेना के हितों के लिए खतरा है।

    अपने सीमित राजनीतिक अनुभव के बावजूद, प्रधानमंत्री के रूप में चायकासेम एक स्वीकार्य अस्थायी समाधान हो सकते हैं, लेकिन उन्हें सुधारों को लागू करने या एक सुस्त अर्थव्यवस्था को गति देने में संघर्ष करना पड़ेगा। राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ सकती है और आर्थिक परिदृश्य कुछ समय के लिए निराशाजनक बना रह सकता है।

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