नई दिल्‍ली, जेएनएन। श्रीलंका के कोलंबो और आसपास ईस्‍टर के मौके पर रविवार सुबह सीरियल ब्‍लॉस्‍ट को अंजाम दिया गया। इसमें तीन चर्च और तीन फाइव स्‍टार होटल को निशाना बनाया गया। इसमें लगभग डेढ़ सौ लोगों के मारे जाने की खबर है। इससे पहले श्रीलंका लंबे समय तक गृहयुद्ध की चपेट में था। वेलुपिल्लई प्रभाकरण ने कुछ साथियों के साथ मिलकर ‘लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम’लिट्टे नाम का एक संगठन बनाया।

1980 का दशक आते-आते लिट्टे सबसे मजबूत, अनुशासित और सबसे बड़ा तमिल आतंकवादी संगठन बन गया। इस गृहयुद्ध के इस कारण लाखों लोगों को जान गंवानी पड़ी। वहां लिट्टे ऐसा आत्‍मघाती दस्‍ता था, जिसने सामूहिक हत्‍याओं को अंजाम दिया। आइये जानें उन धमाकों के बारे में, जिनसे श्रीलंका थर्रा उठा था।

श्रीलंका में अब तक के बड़े धमाके 
1- 11 जून 1990 को श्रीलंका के पूर्वी प्रान्त में आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में लिट्टे (LTTE) ने 600-774 पुलिसकर्मियों का नरसंहार कर दिया था। यह दुनिया के सबसे बड़े आतंकी हमलों में से एक था। लिट्टे द्वारा पहले पुलिसकर्मियों का अपहरण किया और बाद में उन पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतार दिया गया। इस नरसंहार में कुछ पुलिसकर्मी सकुशल निकलने में कामयाब भी हो गये थे।
2- 18 जुलाई, 1996 को पूर्वी प्रांत में मूलाथिवी कैंप में नरसंहार को अंजाम दिया गया, जिसमें 207 लोगों की मौत हो गई।
3- 3 अगस्‍त, 1990 को बटि्टकलोवा जिले के कुटानकुडी की मस्जिद में नरसंहार को अंजाम दिया गया, जिसमें 147 लोगों की मौत गई।
4- 14 मई 1985 को अनुराधापुरा नरसंहार को अंजाम दिया गया, जिसमें 146 लोगों की मौत हो गई।
5- 31 जनवरी, 1996 को कोलंबो सेंट्रल बैंक में धमाके को लिट्टे ने अंजाम दिया गया। बम से लैस ट्रक को बैंक में घुसा दिया था, जिसमें 113 लोगों की मौत हो गई।
6- 16 अक्‍टूबर, 2006 को आत्‍मघाती ट्रक ने दिगमपटाहा नरसंहार को आंजम दिया। LTTE से जुड़े उग्रवादियों ने श्रीलंकाई सेना को निशाना बनाकर एक ट्रक को सेना की 15 गाड़ियों के काफिले में घुसा दिया था। इस घटना में 120 नाविकों की मौत हुई थी।
7- 15 अक्‍टूबर, 1991 को पालियागोडिला नरसंहार को अंजाम दिया गया। जिसमें 112 लोगों की मौत हो गई।  

Posted By: Arun Kumar Singh

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