Syria Civil War: कौन है सीरिया में सिविल वॉर का प्रमुख चेहरा मोहम्मद अल जोलानी, सिर पर है 84 करोड़ का इनाम
Syria Civil War सीरिया में तख्तापलट हो गया है। विद्रोहियों के आते ही राष्ट्रपति बशर-अल-असद देश छोड़कर भाग गए। विद्रोहियों ने भी तख्तापलट की घोषणा कर दी है। सीरिया में हुए इस घटनाक्रम के बाद एक नाम काफी चर्चा में है और वो है मोहम्मद अल जोलानी। मोहम्मद जोलानी सिविल वॉर में विद्रोहियों का प्रमुक चेहरा बन गया है। आखिर जोलानी कौन हैं आइए जानते हैं....

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। Syria Civil War सीरिया में आज विद्रोहियों ने तख्तापलट करते हुए राजधानी दमिश्क पर कब्जा कर लिया। विद्रोहियों के आते ही राष्ट्रपति बशर-अल-असद देश छोड़कर भाग गए। विद्रोहियों ने भी तख्तापलट की घोषणा कर दी है। 24 साल से असद की सत्ता को कोई हिला नहीं सका था, लेकिन विद्रोहियों ने 11 दिन में इसे पलट दिया।
सीरिया में हुए इस घटनाक्रम के बाद एक नाम काफी चर्चा में है और वो है मोहम्मद अल जोलानी।
जोलानी पर अमेरिका ने 10 मिलियन डॉलर (84 करोड़ 67 लाख से ज्यादा) तक का इनाम रखा है। मोहम्मद जोलानी सिविल वॉर में विद्रोहियों का प्रमुक चेहरा बन गया है। आखिर, जोलानी कौन हैं आइए जानते हैं....
पिता के साथ किया काम, गुमनामी में जिया शुरुआती जीवन
जोलानी का असली नाम अहमद अल शारा है। जोलानी का जन्म साल 1982 में हुआ था और वो दमिश्क में रहता था। उसका दावा है कि उसने अपना शुरुआती जीवन काफी संघर्ष में बिताया और यहां तक की उसने पिता के साथ एक ग्रोसरी स्टोर में काम भी किया।
साल 1967 के युद्ध में उसके परिवार को घर तक छोड़ना पड़ा था, जिसके बाद वो गुमनामी की जिंदगी जीने को मजबूर हुआ।
2005 में हुई थी गिरफ्तारी
इसके बाद जब अमेरिका ने 2001 में 9/11 हमले के बाद जब सीरिया में आतंक के खिलाफ युद्ध शुरू किया तो जोलानी वहां लेबनान में लड़ने पहुंच गया। बगदाद में जोलानी ने अमेरिका सेना के खिलाफ जंग शुरू कर दी। यहां उसने अलकायदा से मिलकर ईरान के अमेरिकी सेना के साथ लड़ाई लड़ी। साल 2005 में जोलानी को मोसुल में गिरफ्तार कर अमेरिकी जेल में रख गया।
अल-कायदा से जुड़े संगठन का प्रमुख
रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस के अनुसार, मुहम्मद अल-जवलानी को अबू मुहम्मद अल-जोलानी के नाम से जाना जाता है। अल-जोलानी सीरिया में अल-कायदा (AQ) से जुड़े अल-नुसराह फ्रंट (ANF) का नेतृत्व करता है। जनवरी 2017 में ANF ने कई अन्य कट्टरपंथी समूहों के साथ विलय करके हयात तहरीर अल-शाम (HTS) का गठन किया। हालांकि, जोलानी HTS प्रमुख नहीं है, लेकिन वह अल-कायदा से जुड़े ANF का नेता बना हुआ है।
सीरिया में कई बार किए हमले
जोलानी के नेतृत्व में ही अल-नुसराह फ्रंट ने पूरे सीरिया में कई आतंकवादी हमले किए हैं। अप्रैल 2015 मे ANF ने कथित तौर पर सीरिया में एक चेकपॉइंट से लगभग 300 कुर्द नागरिकों का अपहरण किया और बाद में उन्हें रिहा कर दिया।
सीरिया के सिविल वॉर में कैसे आया?
जोलानी की सीरिया के सिविल वॉर में एंट्री अमेरिकी जेल से रिहाई के बाद हुई। अलकायदा और ईरान ने अबू बकर बगदादी के नेतृत्व में खुद को इस्लामिक स्टेट के तौर पर दिखाया। इस वक्त बगदादी और जोलानी दोस्त थे, हालांकि बाद में दोनों में दुश्मनी हो गई। साल 2011 में जब सीरिया में असद की सरकार ने विद्रोहियों पर हमला किया तो इस्लामिक स्टेट के नेता ने जोलानी को वहां अपना नेता बनाकर भेजा।
सीरिया में तभी जोलानी ने सिविल वॉर में अलकायदा के सहयोगी के तौर पर काम किया।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।