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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यूनुस सरकार का एक और कारनामा, शेख हसीना से छीना वोट डालने का अधिकार

Published: Thu, 18 Sep 2025 08:22 AM (IST)

बांग्लादेश में अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के राष्ट्रीय पहचान ...और पढ़ें

बांग्लादेश ने शेख हसीना से छीना वोट डालने का अधिकार। (फाइल फोटो: PTI)
बांग्लादेश ने शेख हसीना से छीना वोट डालने का अधिकार। (फाइल फोटो: PTI)

HighLights

  1. बांग्लादेश के चुनाव आयोग ने शेख हसीना का NID ब्लॉक कर दिया है।
  2. शेक हसीना और उनका परिवार अगले साले होने वाले चुनाव में वोट नहीं कर सकेगा.

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में अगले साल फरवरी में आम चुनाव होंगे। बांग्लादेश में बनी अंतरिम सरकार के बाद होने वाले इस आम चुनाव की तैयारियां शुरू की जा चुकी हैं। इस बीच बांग्लादेश के चुनाव आयोग ने एक अजीबोगरीब फरमान सुनाया है।

दरअसल, बांग्लादेश के चुनाव आयोग ने कहा कि देश की पूर्व पीएम शेख हसीना के राष्ट्रीय पहचान पत्र यानी एनआईडी को लॉक कर दिया गया है। इस कारण अब वह अगले साल फरवरी में होने वाले आम चुनाव में वोट नहीं दे सकेंगी। हसीना के साथ उनके परिवार और करीबियों के भी पहचान पत्र को लॉक किया गया है।

बांग्लादेश में वोट नहीं दे सकेंगी शेख हसीना

बांग्लादेश के चुनाव आयोग ने सचिव अख्तर अहमद ने अपने एक बयान में कहा कि पूर्व पीएम शेख हसीना का NID लॉक कर दिया गया है। इसके आगे उन्होंने कहा कि एनआईडी लॉक हो जाने की स्थिति में वह विदेश में बैठकर मतदान नहीं कर सकती हैं।

इन लोगों की भी NID लॉक

वहीं, आयोग से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि केवल शेख हसीना ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के सदस्यों और कुछ करीबियों के भी पहचान पत्र को लॉक किया गया है। उन्होंने बताया कि हसीना की छोटी बहन शेख रेहाना, बेटे सजीब जॉय और बेटी वाजेद पुतुल के भी पहचान पत्र को लॉक कर दिया गया है।

जानिए क्या होता ही एनआईडी?

गौरतलब है कि बांग्लादेश में राष्ट्रीय पहचान पत्र यानी एनआईडी, एक ऐसा पहचान पत्र है, जिससे विदेश में बैठे लोग भी अपने मताधिकार का उपयोग कर पाते हैं। चुनाव आयोग के सचिव ने इस संबंध में बताया कि न्याय से बचने के लिए या किसी भी अन्य कारण से जो लोग विदेश भाग गए हैं, वे भी अपने मताधिकार का उपयोग कर सकते हैं। लेकिन अगर उनका एनआईडी लॉक कर दिए जाने के बाद वह वोट नहीं कर सकते हैं। (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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