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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 24, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Russia Ukraine War: यूक्रेन में जनमत संग्रह के बीच रूस का हमला, पश्चिमी देशों ने कहा- और कड़े प्रतिबंध लगाएंगे

By AgencyEdited By: Achyut Kumar
Published: Sat, 24 Sep 2022 07:35 PM (IST)

Russia Ukraine War यूक्रेन में जनमत संग्रह के बीच रूस ने ताजा हमले किए हैं। रूसी सेना नागरिक सुविधाओं को ...और पढ़ें

Russia Ukraine War: रूसी सेना ने यूक्रेन पर तेज किए हमले (फाइल फोटो)
Russia Ukraine War: रूसी सेना ने यूक्रेन पर तेज किए हमले (फाइल फोटो)

कीव, एपी। Russia Ukraine War: पूर्व और दक्षिण यूक्रेन में जारी जनमत संग्रह के बीच रूसी सेना ने यूक्रेन के शहरों पर ताजा हमले किए हैं। बताया गया है कि इन हमलों में यूक्रेन की ढांचागत सुविधाओं पर प्रहार किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि यूक्रेन में रूसी जनमत संग्रह एक जालसाजी है जिसे अमेरिका कभी मान्यता नहीं देगा। जबकि रूसी राष्ट्रपति पुतिन के हाल के परमाणु हथियार के इस्तेमाल के संकेत को पश्चिमी देशों ने गंभीरता से लेते हुए कहा है कि रूस ने धमकी देना बंद न किया तो उस पर और ज्यादा कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे।

रूसी मिसाइल हमले में एक व्यक्ति की मौत

जपोरीजिया के गवर्नर ओलेक्जेंडर स्तारुख ने बताया है कि डेनिपर नदी के किनारे बसे शहर में रूसी मिसाइल के हमले में एक रिहायशी इमारत को नुकसान हुआ है और एक व्यक्ति की मौत हुई है।

रूसी सेना ने पेचनिही बांध को बनाया निशाना

ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि रूसी सेना ने सिवर्सक्यी डोनेट्स नदी पर बने पेचेनिही बांध को निशाना बनाया है। इससे पहले रूसी सेना ने क्रिवी रिह नदी पर बने बांध को निशाना बनाया था। इसके कारण नजदीकी इलाकों में बाढ़ आ गई थी।

यूक्रेन में जनमत संग्रह जारी

इस महीने कई इलाके हाथ से निकल जाने के बाद रूसी सेना ने यूक्रेन में नुकसान पहुंचाने वाले हमले बढ़ा दिए हैं। इस बीच यूक्रेन में रूस के कब्जे वाले लुहांस्क, डोनेट्स, खेरसान और जपोरीजिया क्षेत्रों में जनमत संग्रह जारी है। इसमें क्षेत्र के लोगों से रूस में शामिल होने के लिए राय मांगी जा रही है। 23 को शुरू हुआ जनमत संग्रह 27 सितंबर तक चलेगा।

लोगों को धमका रही रूसी सेना

यूक्रेन और पश्चिमी देशों का कहना है कि प्रस्ताव के पक्ष में मतदान के लिए रूसी सेना लोगों को धमका रही है। यूक्रेन में तीन लाख आरक्षित सैनिकों की तैनाती की घोषणा के बाद रूस के कुछ इलाकों के लोगों में बेचैनी बताई जा रही है।

देश छोड़कर भाग रहे युवा

अपुष्ट सूत्रों के अनुसार लोग सेना में जाने के अनिच्छुक हैं और देश छोड़कर भाग रहे हैं। लेकिन रूसी राष्ट्रपति के कार्यालय क्रेमलिन ने ऐसी खबरों को गलत करार देते हुए उनका खंडन किया है।

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