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    'सिर पर पेट्रोल डालकर जला दिया', बांग्लादेश में हिंदू व्यापारी पर बर्बर हमला; पत्नी ने बताई पूरी बात

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 11:27 PM (IST)

    बांग्लादेश के शरियतपुर जिले में नए साल की पूर्व संध्या पर एक हिंदू व्यापारी पर जानलेवा हमला किया गया। 50 वर्षीय खोकन चंद्र दास पर हमलावरों ने धारदार ह ...और पढ़ें

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    बांग्लादेश में खोकोन दास पर हमला किया गया और उन्हें आग लगा दी गई (फोटो- एक्स)

    डिजिटल डेस्क, ढाका। बांग्लादेश के शरियतपुर जिले में नए साल की पूर्व संध्या पर एक हिंदू व्यापारी पर जानलेवा हमला किया गया। 50 वर्षीय खोकन चंद्र दास पर हमलावरों ने धारदार हथियारों से वार किया, फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। गंभीर रूप से घायल खोकन ने पास के तालाब में छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। वे फिलहाल ढाका के अस्पताल में जीवन-मृत्यु से जूझ रहे हैं।

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    यह घटना 31 दिसंबर की रात करीब 9:30 बजे दामुद्या उपजिले के कोनेश्वर यूनियन में केउरभंगा बाजार के पास हुई। खोकन चंद्र दास दवा की दुकान और मोबाइल बैंकिंग का कारोबार चलाते हैं। दुकान बंद करके घर लौटते समय हमलावरों ने उन्हें घेर लिया, बुरी तरह पीटा और चाकू से गोद दिया। इसके बाद सिर व चेहरे पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।

    मैं सरकार से मदद की गुहार लगाती हूं- पीड़ित की पत्नी

    पीड़ित की पत्नी सीमा दास ने एनडीटीवी से कहा, "हमारा किसी से कोई विवाद नहीं है। हमें समझ नहीं आ रहा कि मेरे पति को अचानक क्यों निशाना बनाया गया। उन्होंने हमलावरों में से दो को पहचान लिया था, इसलिए उन्होंने सिर और चेहरे पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।" रोते हुए सीमा ने आगे कहा, "हम हिंदू हैं, बस शांति से जीना चाहते हैं। हमलावर मुस्लिम थे। पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है। मैं सरकार से मदद की गुहार लगाती हूं।"

    सीमा दास ने बताया कि खोकन की एक आंख की सर्जरी हो चुकी है और उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया जाएगा। उनके तीन बच्चे हैं और स्थिर करने के लिए कम से कम छह यूनिट खून की जरूरत है। अस्पताल में बात करते समय वे अपने सबसे छोटे बेटे को कसकर पकड़े हुए थीं।

    पुलिस जांच और पहचान

    स्थानीय मीडिया 'प्रोथोम आलो' के अनुसार, पुलिस ने दो हमलावरों की पहचान कर ली है और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। दामुद्या पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने कहा कि मामला जांच के दायरे में है। कुछ स्थानीय लोगों ने इसे सांप्रदायिक नहीं बताया, लेकिन इलाके में व्याप्त डर स्पष्ट दिख रहा हैअधिकांश लोग नाम गुप्त रखने की गुजारिश कर रहे हैं।

    अल्पसंख्यकों पर हमलों की बढ़ती घटनाएं

    यह हमला पिछले दो हफ्तों में हिंदुओं पर चौथा बड़ा हमला है। दिसंबर में दीपू चंद्र दास को ईशनिंदा के झूठे आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और शव को आग लगा दी। इसी तरह अमृत मंडल और बजेंद्र बिस्वास की हत्या हुई। मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के कार्यकाल में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं पर हिंसा में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मानवाधिकार संगठनों ने 2025 में सैकड़ों हमलों की रिपोर्ट दी है, जिसमें मंदिरों पर हमले, लूटपाट और आगजनी शामिल हैं।